मंगलवार, 14 जुलाई 2015

हम हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं के उत्थान के लिए कार्य

आदरणीय मान्यवर/ 
प्रिय मित्र

नमस्कार.

हम हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं. भारत के पुनर्जागरण के लिए भाषाओं को बचाना अपरिहार्य है, यदि हम ऐसा कर पाए तो अगले एक दशक में भारत को विश्व-शक्ति बनने से कोई रोक नहीं सकेगा.

आप हमें सहयोग (आर्थिक नहीं) कर सकते हैं अथवा हमसे जुड़ सकते हैं तो कृपया हमें अपना पता, ईमेल और दूरभाष (फोन)-चलभाष (मोबाइल) क्रमांक तुरंत प्रदान करें. 

यदि आपकी इस कार्य में कोई रुचि नहीं है पर आपकी मित्रमंडली, परिचितों अथवा परिजनों में कोई अन्य व्यक्ति ऐसा है जो भारत की भाषाओं के प्रति सक्रिय है अथवा ऐसे कार्य में रुचि रखता है तो उन तक हमारा सन्देश पहुँचाने की कृपा करें.
आप इस सम्बन्ध में रतलाम (मप्र) की भूतपूर्व डिप्टी कलेक्टर सुश्री विजयलक्ष्मी जी से चलभाष क्रमांक - 094253-56724 अथवा ईमेल: matrubhashahindi@gmail.com अथवा mumbaihindi@googlegroups.com पर भी संपर्क कर सकते हैं. वे वर्त्तमान में इंदौर में निवास करती हैं.


भवदीय 
प्रवीण जैन
कंपनी सचिव
वाशी, नवी मुंबई 
ट्विटर: @cspraveenjain 


प्रस्तुत कर्त्ता

संपत देवी मुरारका
अध्यक्षा, विश्व वात्सल्य मंच
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें