सोमवार, 9 अप्रैल 2018

दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार मिडिया समग्र मंथन -2018, अप्रेल 7-8 आजमगढ़







Kabeer Up ने 4 नई फ़ोटो जोड़ीं.
आज का बुद्धिजीवी वेश्या बन गया है - पूर्व डी जी पी - प्रकाश सिंह
आजमगढ़ : आजमगढ़ की धरती बड़ी उपजाऊ है इस धरती से कला मनीषियों के साथ साहित्य के मनीषियों को जन्म दिया है मैं इस धरती पर आया यह मेरा सौभाग्य है मैं इस धरती को प्रणाम करता हूँ उक्त विचार नेहरु हाल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार मिडिया समग्र मंथन में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्व विद्यालय वर्धा के प्रोफ़ेसर देवराज ने कहा उन्होंने आगे कहा कि यह धरती अदभुत धरती है जहां खड़ी बोली के रचियता आचार्य चन्द्रबली पाण्डेय , घुमक्कड़ शास्त्र व अनेक भाषाओं के ज्ञाता और स्वतंत्रता आन्दोलन में अपनी भूमिका निभाने वाले महाज्ञानी राहुल सांस्कृत्यायन , प्रगतिशील शायर कैफ़ी आज़मी जैसे विभूतियों की है मैं इस मंच से अपील के साथ आपकी सहमती चाहता हूँ कि यहाँ पर आवासीय व शोध स्तर के विश्व विद्यालय की स्थापना होनी चाहिए प्रो देवराज ने कहा कि आज देश की शासन सत्ता समाज के हर क्षेत्र में अपना हस्तक्षेप जारी रखे हुए है जो देश के लिए शुभ संकेत नही है | बाबा साहेब आंबेडकर , डा लोहिया नरेंद्र देव की चर्चा करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने कहा था कि ऐसा लोकतंत्र होना चाहिए एक व्यक्ति एक वोट न हो बल्कि एक व्यक्ति एक मूल्य हो व्यक्ति के साथ मूल्य का जुदा होना आवश्यक है लेकिन देश के नेताओं ने पिछले 70 सालो में इसको बदल दिया या मूल्य बदलने की कोशिश में लगातार लगे हुए है लोहिया जी ने सौन्दर्य दृष्टि से मुख्य धारा में बदलने की पैरवी की थी उनका कहना था कि आंतरिक सौन्दर्य यथार्थ , वास्तविक जीवन धारा से जोड़ता है , वह महत्वपूर्ण है आचार्य नरेंद्र देव जी ने कहा था कि विचारों की आवश्यकता है उसके साथ ही विचारों को स्वतंत्रता मिलनी चाहिए डा देवराज ने आगे कहा कि हमने लोकतंत्र को वोट तंत्र में बदल दिया है जिसके कारण जो लोकतंत्र वास्तविक है ही नही इस व्यवस्था को लोग बदलते चले जा रहे है अगर समय रहते चेता नही गया तो यह लोकतंत्र मात्र नाम का रह जाएगा आज के समय में मिडिया का विस्तार हुआ है पर मिडिया वास्तविक सरोकारों से नजरे चुराता है पत्रकारिता की जो प्रतिबद्धता है राजनीतिक , सामाजिक यथार्थ से मिडिया आज भागता है लोकतंत्र में लोक की भागीदारी कम हुई है जिसके कारण शिक्षा संस्कृति को बहुत बड़ा नुक्सान हो रहा है संस्कृति से ही हमारे जीवन के सारे पक्ष शुरू होते है अब मीडिया परिष्कृत नही रहा गया मीडिया इसमें भी असफल रहा | उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र का भाषा से सम्बन्ध आज कम हुआ है इस मामले में मीडिया का गहरा असर है आज हमारी कला - संस्कृति के साथ भयानक साजिश हो रही है यही कला और संस्कृति मानव चेतना को जगाने का काम करती है | क्रम को आगे बढाते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने कहा कि कहने को तो देश में लोकतंत्र है पर वो कही नजर नही आता देश के आला अधिकारी और नेता इस लोकतंत्र को कमजोर करने में लगे है , देश की अवाम को इस बात को समझना चाहिए अगर वो अपनी समझदारी नही खोलते है तो एक दिन बस नाम मात्र का लोकतंत्र देश में रह जाएगा पिछले तीन लोकसभा चुनाव का अगर हम आकलन करे तो हम पायेंगे 24% 30% 34% अपराधी लोग देश के उच्च सदन में बैठे है इन अपराधिक पृष्ठ भूमि के लोगो से देश क्या उम्मीद कर सकता है यह जो कुछ भी करंगे सिर्फ अपने लिए यह लोग दिखाने के लिए देश की तरक्की की आशा देते है पर यह लोग अपने धर्म , जाति क्षेत्र से बाहर की सोच रखते ही नही वर्तमान में लोकसभा का चरित्र बदल रहा है | मेरा मानना है अगर ऐसे ही रहा तो हमारा लोकतंत्र के बजाये यह देश क्रिमनल स्टेट बन जाएगा , पूर्व डी जी पी प्रकाश सिंह ने आगे कहा कि ऐसी ससंद किसलिए जहाँ पर कुछ काम नही हो रहा है यहाँ पर बस लोकतंत्र की कब्र खोदने का काम हो रहा है | अगर यही हाल रहा तो एक दिन कोई तानाशाह नेता आएगा और पूरे देश को अपनी मुठ्ठी में कर लेगा इस देश के बौद्धिक वर्ग को इसपे मंथन करना चाहिए पर ठीक इसके उल्टा हो रहा है यह बौद्धिक लोग बौद्धिक वेश्यावृति करने लगे है इन्हें जहाँ से पैसा मिलेगा यह बस उसी का गुणगान करेंगे | अगर लोग नही जगे तो आने वाले समय में भूल जाइए देश की आजादी को साथ ही लोकतंत्र को देश के लोकतंत्र में दीमक लग चूका है अब बारी है इस दीमको को साफ़ करने का , आजादी में हिन्दी मीडिया का महत्वपूर्ण रोल रहा है लेकिन अब पत्रकारिता के चरित्र में बड़ा बदलाव आया है यह चिंता का विषय है इसमें नैतिकता का दायरा सिमट रहा है | अगर मिडिया में खबर छपवानी है तो कुछ दान - दक्षिण दीजिये आपकी खबर छप जायेगी अब मिडिया का ऐसा रोल हो गया है | देश में विकास तो हो रहा है पर कुछ लोग मात्र अपना विकास कर रहे है | आज अगर पत्रकारिता बची है तो मात्र लघु पत्र और पत्रिकाओं के बदौलत समाजवादी विचारक गोपाल राय ने सम्बोधन करते हुए कहा कि मीडिया राजनैतिक सत्ता से प्रभावित रहता है जिसमे 72% खबर इन लोगो की होती है जनता के सरोकारों का हिस्सा मात्र 6% या 7% ही रह गया है राजनैतिक तौर पर सत्ता जो लोकतंत्र पर बोलेगा वही सच माना जा रहा है गाँव को शहर मुर्ख बना रहा है शहरों को महा नगर मुर्ख बना रहा है अब तो आम आदमी को सोचना है कि वो किस लोकतंत्र में जियेगा ?
समाजवादी विचारक विजय नरायण जी ने कहा कि हमने बहुत सेमिनार देखे है पर आज मैं यह बात दावे से कह सकता हूँ वर्षो बाद आज के सेमिनार में गंभीर और सार्थक चर्चा हुई है इसके लिए शार्प रिपोटर के सम्पादक अरविन्द सिंह और उनका पूरा कुनबा बधाई का हकदार है डा योगेन्द्र नारायण अरुण ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि आज मैं बहुत ही प्रसन्न हूँ की मुझे इस पावन धरती पर आने का सौभाग्य मिला है उन्होंने आगे कहा की लोकतंत्र खतरे में है अगर मिडिया ने अपना चरित्र नही बदला तो हमारा लोकतन्त पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा देश के अवाम को इस बात को समझना होगा वो मात्र किसी नेता के लिए वोट नही है उसका वोट नैतिक मूल्यों का वोट है अभी भी वक्त है सम्भाल जाओ मरते लोकतंत्र को बचाने के लिए आगे आओ |





आज़मगढ़। 8अप्रैल,2018। मीडिया समग्र मंथन -2018। द्वितीय दिवस। सम्मान समारोह। अध्यक्षता : प्रो. देवराज।
#मीडिया ने किया स्वचिंतन और लोकतन्त्र पर विचार मन्थन
आजमगढ़ से श्रीगोपाल नारसन
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित दो दिवसीय मीडिया समग्र मन्थन 2018 संगोष्ठी मे भड़ास फॉर मीडिया के सम्पादक यशवंत सिंह की मौजूदगी मे मीडिया से जुड़े लोगो ने मिडिया से उम्मीदे के सवाल पर अपने अपने अनुभव बांटे।आज तक के पत्रकार रामकिंकर ने कहा कि मीडिया की उसकी निष्पक्षता को लेकर कितनी भी आलोचना क्यो न करे लेकिन जब ऐसे लोग संकट मे होते है तो वे अपनी आवाज उठाने के लिए मीडिया के पास ही आते है।इसी तरह मीडिया मिरर के सम्पादक प्रशांत राजावत ने कहा कि मीडिया मे जो सच्चाई परोसना चाहता है उनकी आवाज मीडिया के लोग ही निजी स्वार्थ की चाहत मे दबा देते है।वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश अखिल ने बिहार मे सत्ताधीशो द्वारा पत्रकारो की आवाज दबाने के लिए अपनाये जाने वाले हथकण्डो की जानकारी दी और अपने उत्पीड़न की दांस्ता सुनाई।वही हैदराबाद से आये प्रोफेसर ऋषभ देव शर्मा ने पत्रकारिता के मूल्यों को लेकर विचार विमर्श किया तो वर्धा हिन्दी विश्व विद्यालय से आये प्रोफेसर देवराज ने हिन्दी को क्षेत्रीय भाषाओ को आगे बढ़ाने वाली राष्ट्र भाषा के रूप मे प्रतिष्ठित जन जन की भाषा बताया ओर स्वयं के द्वारा गैर हिन्दी भाषी क्षेत्रो मे किये गए हिन्दी अभियान के अनुभव बांटे।व्यंग्यकार गिरीश पंकज ने बड़े ही प्रभावी ढंग से मीडिया मे हो रहे परिवर्तन को लेकर चर्चा की तो वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त ने मीडिया को कमजोर करने के लिए सरकार द्वारा बनाये जा रहे मनमाने कानूनों पर सवाल उठाये। छ राज्यो से आये पत्रकारो की मौजूदगी मे कई पत्रकार व साहित्यकार विभूतियो को सम्मानित भी किया गया ।उद्घाटन सत्र मे लोकतन्त्र,मिडिया और वर्तमान समय विषय पर अत्यंत गम्भीर व सार्थक संवाद के आयोजन के साथ साथ शार्प रिपोर्टर मासिक पत्रिका के उत्तर प्रदेश एवम् उत्तराखण्ड विशेषांक का विमोचन भी किया गया।उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता रुड़की से आये साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य डा योगीन्द्र नाथ शर्मा अरुण ने की और मुख्य अतिथि के रूप मे उत्तर प्रदेश के पूर्व डी जी पी प्रकाश सिंह के साथ ही अंतरराष्ट्रीय महात्मा गांधी हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के वरिष्ठ प्राध्यापक डा देवराज,उत्तराखण्ड से आये स्वतन्त्र पत्रकार श्रीगोपाल नारसन,दिल्ली से आये डा गोपाल राय तथा आजमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार जय नारायण सिंह ने लोकतन्त्र व मीडिया पर अपने सारगर्भित विचार रखे।दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के चर्चित पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से इस संवाद उत्सव को सम्बोधित किया और पत्रकारो द्वारा पूछे गए प्रश्नो के उत्तर भी दिए।इस संवाद उत्सव मे दो प्रस्ताव पारित किये गए।जिनमें केंद्र व राज्य सरकारो से यह मांग की गई कि पत्रकारो की राष्ट्र व्यापी सुरक्षा के लिए केंद्र व राज्यो की सरकारे तुरन्त प्रभावी कानून बनाये साथ ही अपना दायित्व निभाते हुए पत्रकार की हत्या पर या मौत पर उसके परिवार की शहीद सैनिको की भाँति ही सुविधा दी जाये।कवि सम्मेलन व मुशायरे के साथ रविवार देर रात्रि सम्पन्न हुई इस राष्ट्रीय संगोष्ठी मे दस कलमकारों को विभिन्न विभूतियो की स्म्रति मे सम्मानित किया गया।जिनमे डा योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण को राहुल सांकृत्यायन सम्मान दिया जाना भी शामिल है।कार्यक्रम का सफल संचालन अमन त्यागी ने किया तो शार्प रिपोर्टर पत्रिका के सम्पादक अरविंद सिंह व संस्थापक वीरेंद्र सिंह ने अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत किया।
प्रस्तुति: डॉ. ऋषभदेव जी शर्मा 
प्रस्तुत कर्ता : संपत देवी मुरारका, विश्व वात्सल्य मंच
murarkasampatdevii@gmail.com  
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद
मो.: 09703982136

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