रविवार, 2 सितंबर 2018

वैश्विक हिंदी सम्मेलन ] वैश्विक हिंदी सम्मेलन के निदेशक डॉ.एम. एल. गुप्ता 'आदित्य' को 'राजभाषा गौरव' प्रथम पुरस्कार ।


Latest LOGO  Medium.jpg

वैश्विक हिंदी सम्मेलन के निदेशक  डॉ.एम. एल. गुप्ता 'आदित्य'  को
 'राजभाषा गौरव' प्रथम पुरस्कार ।


  
मॉरीशस में आयोजित ग्यारहवें विश्व हिंदी सम्मेलन में  
भाषा - प्रौद्योगिकाी तथा  मीडिया की हिंदी के संबंध में अपने सुझाव रखते हुए  डॉ एम. एल. गुप्ता  'आदित्य'  

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017- 18 के लिए  राजभाषा कीर्ति व राजभाषा गौरव पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इनके अन्तर्गत  गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के अंतर्गत हिंदी शिक्षण योजना, मुंबई के सहायक निदेशक  तथा 'वैश्विक हिंदी सम्मेलन' के निदेशक डॉ एम. एल. गुप्ता  को भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग,  द्वारा उनके  'लेख ' भाषा-प्रौद्योगिकी का सत्तर साल का सफरनामा '  के लिए 'राजभाषा गौरव' प्रथम पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। 

राजभाषा कीर्ति पुरस्कारों के अन्तर्गत भारत सरकार के मंत्रालयों-विभागों, बैंकों, उपकर्मों, स्वायत्त संस्थानों व नगर राजभाषा कार्यान्वन समितियों को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। जबकि 'राजभाषा गौरव' पुरस्कार सर्वोत्तम लेख व पुस्तक लेखन के लिए दिए जाते हैं। 

राजभाषा हिंदी के लिए दिए जाने वाले ये राष्ट्रीय पुरस्कार प्रतिवर्ष चौदह सितंबर को भारत के माननीय राष्ट्रपति जी के कर कमलों द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रदान किए जाते हैं। जिसमें भारत के गृहमंत्री सहित विभिन्न मंत्री, सांसद व गृह सचिव तथा राजभाषा सचिव सहित सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते हैं।

डॉ. एम एल गुप्ता 'आदित्य'  जाने-माने हिंदी सेवी हैं और वे हिंदी व भारतीय भाषाओं के प्रयोग व प्रसार के अभियान में सक्रिय रुप से कार्य करते रहे हैं। भाषा प्रौद्योगिकी के माध्यम से हिंदी सभी भारतीय भाषाओं के प्रसार के लिए निरन्तर कार्य करते रहे हैं।


कंप्यूटरों पर पर हिंदी में कार्य का प्रशिक्षण देते हुए डॉ. एम. एल. गुप्ता 'आदित्य'
वैश्विक हिंदी सम्मेलन, मुंबई

प्रस्तुत कर्ता : संपत देवी मुरारका, विश्व वात्सल्य मंच
murarkasampatdevii@gmail.com  
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद
मो.: 09703982136 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें