रविवार, 7 अक्तूबर 2018

[वैश्विक हिंदी सम्मेलन ] ​छायावाद - 1920 से 1930 की कविता की जीवंत प्रस्तुति तथा मातृभाषा. कॉम का एक करोड़ हस्ताक्षर बदलवाने का संकल्प



​छायावा 
1920 और 1930 की कविता की जीवंत प्रस्तुति 
13 जुलाई, 2018, शुक्रवार, रात 7.00 से 9.00 बजे
वाई.बी. चव्हाण प्रतिष्ठान सभागार, .सचिवालय के सामने, 
जनरल भौंसले मार्ग, मुंबई - 40002

'वैश्विक हिंदी सम्मेलन' से जुड़े लोग  निमंत्रण-पत्र के लिए यथासमय संपर्क करें तो व्यवस्था की जा सकती है।
डॉ. एम.एल. गुप्ता 'आदित्य' 09869374603


टिप्पणी -  इस संस्था का उद्देश्य ग़ैर हिंदी भाषियों में हिंदी कविता के प्रति रुचि जगाना है।
 उनके श्रोता हिंदी समझ तो लेते हैं, मगर पढ़ नहीं पाते, इसलिए अंग्रेज़ी में निमंत्रण भेजना आवश्यक था।
(आयोजक)
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आदरणीय भाषासारथी,
जय हिन्दजय हिन्दी,
हिन्दी साहित्य के नवोदित एवम् स्थापित लेखकों को एक मंच उपलब्ध करवा रहा है |डिजिटल युग में हिन्दी की महत्वता स्वीकारते हुए जिस तरह से आप लेखन करते है वो सम्मानीय है 
 महोदय,
'मातृभाषाहिन्दी पोर्टल पर प्रकाशित  रचनाकार के तौर पर अब आपसे विनम्र अनुरोध है कि,प्रकाशित रचना का अपने हर सर्कल में प्रचार अवश्य करें..ब्लॉगफेसबुकव्हाट्सऐप , इंस्टाग्राम,ट्विटर,हाईक,प्रि न्टररेस्ट,शेयर चेट,मेल और अन्य माध्यम से भी प्रचार अवश्य करें.. साथ ही अनुरोध है कि,पहली रचना के अपलोड होने के बाद नियमित की अपेक्षा कम-से-कम दिन बाद ही अगली उत्कृष्ट मौलिक रचना भेजें..आपके ज़रिए जल्दी ही कुछ अन्य लेखकीय प्रतिभाएं इससे जुड़वाएं..यदि उनके नम्बर देंगे तो उनसे सम्पर्क भी किया जा सकेगा..सहयोग बनाए रखिए|
 आप फेसबुक पर भी मातृभाषा को पसंद कर शेयर कर सकते है |

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विशेष अनुरोध
एक करोड़ हस्ताक्षर बदलवाने का संकल्प  
यदि आप अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते हैं तो निवेदन है कि 'हिंदी में हस्ताक्षर करें'|
आपकी यह छोटी-सी कोशिश हिंदी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाने में अमूल्य योगदान देगी |
संस्थान द्वारा सम्पूर्ण राष्ट्र में 'हस्ताक्षर बदलो अभियान' संचालित किया जा रहा है |
हम सबका एक-एक कदम राष्ट्र के प्रखर होने की दिशा में बड़ा कदम है|

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सादर धन्यवाद ,
डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'                                           डॉ.प्रीति समकित सुराना 
संस्थापक: मातृभाषा . कॉम                              सह संस्थापक: 'मातृभाषा.कॉम' 
  ०९४०६६५३००५                                                  ०९४२४७६५२५९
                               
सुश्री शिखा जैन 
प्रबंध संपादक   
                                      
                                     मातृभाषा परिवार, www.matrubhashaa.com matrubhashaa@gmail.com
                         (का.)-एस-२०७, इंदौर प्रेस क्लब, इंदौर(मध्यप्रदेश) संपर्क: ०७३१-४९७७४५५ | ७०६७४५५४५vai
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वैश्विक हिंदी सम्मेलन पर प्रस्तुत परमाणु वैज्ञानिक विजय भार्गव के  भाषा संबंधी लेख 'स्वभाषा का महत्व ' पर जोगा सिंह विर्क  की टिप्पणी
 साइट पर पढ़ें जिसका यूआरएल :  http://matrubhashaa.com/?p= 10856  है |
    

  वैश्विक हिंदी सम्मेलन, मुंबई


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वैश्विक हिंदी सम्मेलन की वैबसाइट -www.vhindi.in
'वैश्विक हिंदी सम्मेलन' फेसबुक समूह का पता-https://www.facebook.com/groups/mumbaihindisammelan/
संपर्क - vaishwikhindisammelan@gmail.com

प्रस्तुत कर्ता : संपत देवी मुरारका, विश्व वात्सल्य मंच
murarkasampatdevii@gmail.com  
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद
मो.: 09703982136

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