सोमवार, 16 नवंबर 2015

अंग्रेजी नहीं आने पर किसी भी कर्मचारी को दंडित नहीं किया जाएगा

अंग्रेजी नहीं आने पर किसी भी कर्मचारी को दंडित नहीं किया जाएगा

भोपाल। कोई भी अधिकारी-कर्मचारी को अंग्रेजी न आने के आधार पर दंडित नहीं किया जाएगा। हिंदी में काम करने पर यदि किसी को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
ऐसे निर्देश जारी करने के आदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सामान्य प्रशासन विभाग को दिए हैं। दरअसल मुख्यमंत्री ने विश्व हिंदी सम्मेलन की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश जारी करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मध्यप्रदेश में अब सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाएं हिंदी में ही आयोजित की जाएंगी।
मुख्य सचिव एवं सरकार के सभी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फाइलों पर हिंदी में ही लिखा जाए, इतना ही नहीं आपसी पत्राचार में भी हिंदी का ही उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हाईकोर्ट चीफ जस्टिस से चर्चा के बाद ही न्यायालयों की कार्यवाही तथा निर्णय हिंदी भाषा में जारी किए जाएंगे। न्यायालयों में अनुवादकों की नियुक्ति भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि भोपाल में 12 सितंबर को विश्व हिंदी सम्मेलन के समापन पर सिफारिशें आई थीं, इनमें से कुछ सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने जीएडी को निर्देश दिए हैं।
प्रस्तुत कर्त्ता
संपत देवी मुरारका
अध्यक्षा, विश्व वात्सल्य मंच
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें