रविवार, 17 जुलाई 2016

भारतीय विद्या भवन न्यूजीलैंड और परिकल्पना संस्था, लखनऊ की साझा पहल (सप्तम अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, न्यूजीलैंड)

भारतीय विद्या भवन न्यूजीलैंड और
परिकल्पना संस्था, लखनऊ की साझा पहल
(सप्तम अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, न्यूजीलैंड)

 समादरणीय महोदय/महोदया,       
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए संस्था द्वारा,  किये जा रहे प्रयासों और पहलों के अनुक्रम में आगामी 23 दिसंबर 2016 से 1 जनवरी 2017 तक न्यूजीलैंड में सप्तम अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

सम्मेलन में हिंदी के आधिकारिक विद्वान, अध्यापक, लेखक, भाषाविद, पत्रकार  ब्लॉगर,  विद्वान,  टेक्नोक्रेट एवं हिंदी प्रचारक भाग ले रहे हैं।सम्मेलन का मूल उद्देश्य स्वंयसेवी आधार पर हिंदी-संस्कृति का प्रचार-प्रसार, भाषायी सौहार्द्रता एवं सांस्कृतिक अध्ययन-पर्यटन का अवसर उपलब्ध कराना है।

उक्त अवसर पर आयोजित संगोष्ठी – हिन्दी की वैश्वकिता पर प्रतिभागी अपना आलेख पाठ कर सकेंगे। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए न्यूजीलैंड में सांस्कृतिक पर्यटन का अवसर भी उपलब्ध होगा। आपकी रचनात्मक भागीदारी को मद्देनज़र रखते हुए संस्था आपको सादर आमंत्रित करती है।

आयोजन में सम्मिलित होने की सहमति की स्थिति में प्रतिभागी को अविलंब आवश्यक रूप से राशि 1,48,000/- के साथ पासपोर्ट की छायाप्रति, दो कलर पासपोर्ट साइज फोटो, वायो डाटा, सहभागिता का विवरण ( जैसे आलेख पाठ, परिचर्चा में सहभागिता, अंतर्राष्ट्रीय मंच से काव्य पाठ, कला प्रदर्शनी, पुस्तकों का लोकार्पण आदि के विषय में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध करानी होगी) जमा करना होगा, जिसमें हवाई यात्रा सहित वीजा शुल्क भी सम्मिलित हैं।  

प्रतिभागियों को न्यूजीलैंड की वैश्विक संस्था भारतीय विद्या भवन और परिकल्पना की ओर से अंगवस्त्र, मानपत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान की जायेगी। 

उल्लेखनीय है कि जब न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में स्काई टावर पर शानदार आतिशबाजी के साथ नव वर्ष का सेलिब्रेशन शुरू होगा तो पूरी दुनिया के हिन्दी ब्लॉगर वहाँ उपस्थित रहेंगे। यह एक शानदार पल होगा जब हम नव वर्ष की पूर्व संध्या पर नए साल का आगाज करेंगे, क्योंकि पूरी दुनिया में न्यूजीलैंड एक ऐसा देश है जहां एक दिन पूर्व ही नव वर्ष मनाया जाता है। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में स्काई टावर पर लोगों की भीड़ जुटती है, जहां लेजर शो का आयोजन और आतिशबाजी होती है। स्काई टावर को इस मौके पर खास तौर पर सजाया जाता है। नए साल की शुरूआत के साथ ही स्काई टावर रोशनी से नहा उठता है। स्काई टावर से निकलती आतिशबाजियों से पूरा ऑकलैंड जगमगा उठता है। 

ऑकलैंड न्यूजीलैंड का एक ऐसा महानगर है, जहां ऑकलैंड सिविक थियेटर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण विरासत तथा वायुमंडलीय रंगमंच है। इस थियेटर का निर्माण 1929 में हुआ था तथा अपनी मूल स्थिति में इसका वर्ष 2000 में पुनर्निर्माण किया गया। कोलकाता के हावड़ा ब्रिज की तरह यहाँ हार्बर ब्रिज है, जो केन्द्रीय ऑकलैंड और नॉर्थ शोर, ऑकलैंड का एक प्रतिष्ठित प्रतीक है। यहाँ का ऑकलैंड टाउन हॉल दुनिया के बेहतरीन ध्वनि संयोजन के लिए जाना जाता है। यहाँ एक ऑकलैंड युद्ध स्मारक संग्रहालय है जो ऑकलैंड डोमेन की प्रभावशाली नव-कलात्मक शैली के लिए जाना जाता है। यह बड़ी बहु प्रदर्शनी संग्रहालय 1929 में बनाया गया था। इसके अलावा रैलियों और कला उत्सव की साइट एओटिया स्क्वायर, एओटिया सेंटर शहर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। ऑकलैंड के कैथोलिक कैथेड्रल सेंट पैट्रिक कैथेड्रल, जो एक 19 वीं सदी का गोथिक इमारत है तथा करनगहपे रोड ऊपरी केंद्रीय ऑकलैंड का एक सड़क है जो बार, क्लब तथा छोटे दुकानों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहाँ का केली तरल्टन सी लाइफ एक्वेरियम, न्यूजीलैंड समुद्री संग्रहालय, रानी स्ट्रीट मुख्य आकर्षण केंद्र है। इस शहर को नया आयाम देता है जो दक्षिणी गोलार्ध में सबसे बड़ा मुक्त खड़ी संरचना है, यह 328 मीटर (1,076 फुट) लंबा है और उत्कृष्ट मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है। इसके अतिरिक्त यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में वेक्टर अरेना, पुल बेसिन, बेस्ट स्प्रिंग्स स्टेडियम, ऑकलैंड डोमेन, माउंट ईडन, माउंट विक्टोरिया तथा एक ट्री हिल है। बेहेक द्वीप जो हौराकी खड़ी में स्थित है दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है और तटों, जंगलों, दाख की बारियां और जैतून के पेड़ों के लिए जाना जाता है। ये सभी स्थल इस महानगर को आयामीत करते हैं।
न्यूजीलैंड की यात्रा के क्रम में ऑकलैंड के बाद हमारा अगला पड़ाव हेमिल्टन होगा और इसके बाद रोटोरूया। । हैमिल्टन न्यूज़ीलैण्ड का चौथा सबसे बड़ा नगरीय क्षेत्र है। यह उत्तर द्वीप के वाइकाटो क्षेत्र में है, ऑक्लैण्ड से लगभग 130 किलोमीटर (80 मील) दक्षिण में। शुरुआत में यह कृषि सेवा केन्द्र था, परन्तु अब इसकी विविध और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और यह सम्पूर्ण न्यूज़ीलैण्ड में दूसरा सबसेतेजी से उन्नति करता नगरीय क्षेत्र है। शिक्षा और अनुसंधान एवं विकास हैमिल्टन की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है !
यहाँ हम विश्व प्रसिद्ध "वाइटोमो ग्लोवार्म गुफा" के माध्यम से न्यूजीलैंड के नैसर्गिक सौन्दर्य का विहंगवालोकन करेंगे। विश्व प्रसिद्ध नाव की सवारी का आनंद लेते हुये सांस्कृतिक और प्राकृतिक इतिहास के 120 साल पुराने न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक और भूवैज्ञानिक महत्व के इस अद्वितीय रोशनी के इस आकाशगंगा में प्रवेश करने के उपरांत आप तुरंत एक शांत वातावरण का अनुभव करेंगे और मोहित हो जाएँगे प्रकृति के इस अनुपम दृश्य को देखकर। यहाँ के अन्य आकर्षण में हेमिल्टन गार्डेन्स, वाईकाटो संग्रहालय, वाईकाटो स्टेडियम और हेमिल्टन ज़ू है जो हमारी यात्रा को सुखद और रोमांचक बनाने के लिए काफी है।
रोटोरूआ में मनोहारी झील, जंगल और जोखिम से भरी खूबसूरत भौगोलिक परिस्थितियाँ है जहां आने के बाद स्वर्गानुभूति होती है। यहाँ की सबसे पुरानी मओरी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। रोटोरुआ दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है। यह अपने भूतापीय गतिविधि के लिए जाना जाता है। यह वनस्पति उद्यान और ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

नोट –
01.  प्रतिभागिता राशि 1,48,000/- "परिकल्पना" के नाम जमा कराना होगा । ICICI BANK ACCOUNT NO-695905600109  । BRANCH: Vikas Nagar, Lucknow । IFS CODE-ICIC0006959। संपर्क – Ravindra Prabhat – 09415272608 ।
02.  उपरोक्त राशि केवल अनुमान के आधार पर है, हवाई टिकट समय और परिस्थितियों के साथ-साथ तथा अन्य खर्च अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में होने वाली हलचलों से प्रभावित हो सकता है, किन्तु पंजीयन के पश्चात आपकी सहभागिता राशि में किसी प्रकार की बृद्धि नहीं होगी।
03.  मिनट टू मिनट कार्यक्रम विवरण पृथक से दिया जायेगा।

04. प्रतिभागिता शुल्क जमा करने के पश्चात संलग्न वीजा फॉर्म को भरकर व्हाइट बैकग्राउंड वाली पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ़्स के साथ समस्त प्रपत्र निम्नलिखित पते पर भेजना होगा- 

रवीन्द्र प्रभात 
"परिकल्पना" एन-1/107, संगम होटल के पीछे, सेक्टर एन 1, 
अलीगंज, लखनऊ-226024 (उ॰ प्र॰) 
मोबाइल नं 9415272608 
3 अटैचमेंट
प्रस्तुत कर्ता : संपत देवी मुरारका, विश्व वात्सल्य मंच
murarkasampatdevii@gmail.com  
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद
 
 

मंगलवार, 5 जुलाई 2016

भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट www.mhrd.gov.in पर प्रस्तुत नई शिक्षा नीति 2016 का मसौदा भाषा -संस्कृति संबंधी प्रावधान ( सदस्यों के विचारार्थ )


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भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट www.mhrd.gov.in पर प्रस्तुत 
नई शिक्षा नीति 2016 का मसौदा 
भाषा -संस्कृति संबंधी प्रावधान
( सदस्यों के विचारार्थ )


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अपने सुझाव 'वैश्विक हिंदी सम्मेलन​' को  vaishwikhindisammelan@gmail.com पर भी नाम पते आदि सहित 
ई मेल करें ताकि सभी के ध्यानार्थ व विचारार्थ समूहों पर प्रस्तुत कर विचार-विमर्श किया जा सके और यथासमय
भारतीय -भाषा प्रेमियों/ समर्थकों द्वारा मंत्रालय को सुझाव भेजे या भिजवाए जा सकें।
भारतीय भाषाओं की संस्थाएँ,अकादमी, संगठन विशेष ध्यान दें। इस विषय पर परिचर्चा/ संगोष्ठी भी आयोजित की जा सकती हैं।
 प्राप्त सुझावों को वैश्विक हिंदी सम्मेलन के समूहों व वेबसाइट पर ई-संगोष्ठी के अंगर्गत विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।
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भाषा संबंधी समाचार
1.नई शिक्षा नीति का मसौदा जारी

भारत सरकार ने नयी शिक्षा नीति 2016 का प्रारूप अंग्रेजी में जनता के सुझावों के लिए जारी कर दिया है ।
पहली कक्षा से अंग्रेजी अनिवार्य विषय।
राज्य चाहें तो मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा दे सकते हैं।
भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा पर कोई विचार नहीं किया गया है। 
३१ जुलाई अंतिम तिथि है सुझावों के लिए.।
नीति का मसौदा www.mhrd.gov.in पर उपलब्ध है ।

2. गोइन्का साहित्यिक पुरस्कार 2017 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित 

 कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके वर्ष 2017 के लिए "बाबूलाल गोइन्का हिन्दी साहित्य पुरस्कार" एवं हिन्दीतर भाषी हिन्दी युवा लेखकों के लिए "प्रो. एन. नागप्पा युवा साहित्यकार पुरस्कार" (वय सीमा 35 वर्ष) तथा हिन्दी से तमिल व तमिल से हिन्दी अनुवाद के लिए घोषित "बालकृष्ण गोइऩ्का अनूदित साहित्य पुरस्कार" के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। 
श्री गोइन्का जी ने जानकारी दी है कि अहिन्दी भाषी साहित्यकार यानी जिनकी मातृभाषा दक्षिण भारतीय भाषाओं में जैसें कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, तमिल, तुलु, उड़िया अथवा कोंकणी में जो हिन्दी में मूल रूप से लिख रहे हैं, इन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं। जो हिन्दी भाषी साहित्यकार अहिन्दी भाषी क्षेत्रों में 10 वर्षों या अधिक से हिन्दी साहित्य की सेवा कर रहे हैं, वे भी इन पुरस्कारों के हकदार होंगे। ऐसे हिन्दी किंवा अहिन्दी भाषी दोनों इन पुरस्कारों के लिए अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। प्रविष्टियां मिलने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2016 है।
नियमावली एवं पु्रस्ताव-पत्र वेब साइट www.kgfmumbai.com का अवलेकन करें। अधिक जानकारी के लिए बैंगलोर दूरभाष: 080-32005502 (कमलेश) इ-डाक : kgf@gogoindia.com या साधारण पत्र द्वारा संपर्क किया जा सकता है।

3. "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" तथा "स्वतन्त्र जन समाचार" की ओर से  व्यंग्य-संध्या व 
राजेश विक्रांत कृत "बतरस" के बहाने व्यंग्य पर चर्चा ।

राजेश विक्रांत अच्छे व्यंग्यकार हैं। इसी वजह से हमने 2007 में इनका स्तम्भ बतरस शुरू किया था। यह ख़ुशी की बात है कि इसी नाम से इनकी पुस्तक भी आ गई है। मैंने पुस्तक पढ़ी है। इनमे दूसरा रवीन्द्रनाथ त्यागी बनने की सम्भावनाएँ मौजूद हैं। यह उदगार वरिष्ठ पत्रकार और भाजपा नेता प्रेम शुक्ल ने रविवार 26 जून  की शाम सांताक्रुज पूर्व के मौलाना आजाद हाल में आयोजित एक शाम व्यंग्य के नाम के प्रमुख अतिथि के रूप में व्यक्त किये। राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा तथा स्वतन्त्र जन समाचार ने राजेश विक्रांत के सद्य प्रकाशित व्यंग्य संग्रह बतरस पर चर्चा तथा व्यंग्य पाठ का आयोजन किया था। कार्यक्रम के अध्यक्ष कवि साहित्यकार माणिक मुंडे ने व्यंग्य को साहित्य की एक कठिन विधा बताया। इसलिये आजकल व्यंग्य पर बहुत कम लिखने वाले मिलते हैं। फिर भी विक्रांत की बतरस उम्मीदों पर खरी उतरने वाली पुस्तक साबित हुई है। जबकि सम्मानीय अतिथि लोकप्रिय कहानी पोर्टल व प्रकाशन संस्थान स्टोरीमिररडॉटकॉम के प्रमुख विभु दत्ता राउत ने हास्य व्यंग्य को जीवन का अंग कहते हुए राजेश विक्रांत के दूसरे व्यंग्य संग्रह को प्रकाशित करने की इच्छा दर्शाई। 
व्यंग्य पाठ में डॉ अनन्त श्रीमाली ने श्री 'साडी खरीदाय नमः', कैलाश सेंगर ने 'शवयात्रा का यूनीफार्म', डॉ राजेश्वर उनियाल ने 'व्यंग्य संचालक',  सुश्री अलका अग्रवाल सिगतिया ने 'हिंदी माता का श्राद्ध', अमर त्रिपाठी ने 'कौवो की श्रद्धांजलि सभा', शीतला पाण्डेय ने 'तालियां' व राजेश विक्रांत ने 'अपने बारे में' का पाठ किया। 
कार्यक्रम का सञ्चालन  प्रेम कुमार, आरजे ने किया जबकि आभार प्रदर्शन शत्रुघ्न प्रसाद अध्यक्ष, राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा, भारत ने किया।


4. 
संजीव निगम द्वारा छात्रों को लेखन- प्रक्रिया से संबंधित बारीकियों की  जानकारी 
सेंट पीटर्स स्कूल पंचगनी में आयोजित "अपने प्रिय लेखक से मिलिए" कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री विल्फ्रेड नरोन्हा ने बताया -'पूरी दुनिया में संवेदनहीनता का खतरा मंडरा रहा है।ऐसी स्थिति में एक रचनाकार ही लोगों में संवेदनशीलता पैदा कर सकता है।आज की नई पीढ़ी कल का भविष्य तय करेगी।इसलिए इनके लेखन को सही दिशा देना हमारी जिम्मेदारी बनती है।' कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव निगम ने छात्रों को लेखन- प्रक्रिया से संबंधित बारीकियों की विस्तार से चर्चा करते हुए बताया ' साहित्य हमें दृष्टि देता है।यही दृष्टि जीवन की तमाम समस्याओं को हल करने में सहायक होती है।एक सफल रचनाकार सहृदय पाठक भी होता है।अतः लेखन में रूचि रखने वाले छात्रों को कहानियां, कविताएं, उपन्यास आदि पढ़ते रहना चाहिए।' इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र स्वरचित गीत, कहानी, कविता और आत्मकथा पढ़कर सुनाए।प्रश्नकाल के दौरान सबकी सहभागिता कार्यक्रम की सफलता का आधार बनीं।  कार्यक्रम का आद्यंत सूत्र संचालन डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने किया।श्री सुनील माने ने आमन्त्रित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सर्वश्री जयवंत भिलारे, राकेश त्रिपाठी, चन्द्रवदन आढाव और राम शेलके सहित कई गणमान्य मौजूद थे।


वेबसाइट- वैश्विकहिंदी.भारत /  www.vhindi.in
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वैश्विक हिंदी सम्मेलन की वैबसाइट -www.vhindi.in
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संपर्क - vaishwikhindisammelan@gmail.com

प्रस्तुत कर्ता : संपत देवी मुरारका, विश्व वात्सल्य मंच
murarkasampatdevii@gmail.com  
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद

राष्ट्रपति और भाषायी गुलामी! -डॉ वेदप्रताप वैदिक



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