सोमवार, 10 फ़रवरी 2014

आनिया अग्रवाल सम्मानित







आनिया अग्रवाल सम्मानित


इण्डिया काइंडनेस मूवमेंट के तत्वावधान में शनिवार 8 फरवरी 2014 को श्रीकृष्ण मुरारका पैलेस (बड़ी चावड़ी, हैदराबाद) में, ग्लोबल इण्डिया इंटरनैशनल स्कूल, हैदराबाद, द्वारा हूप्स रेस की स्वर्ण एवं रजत पदक विजेता आनिया अग्रवाल के सम्मान में सफल आयोजन संपन्न हुआ |

संस्था की अध्यक्ष संपत देवी मुरारका एवं प्रधान सचिव राजेश मुरारका ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आनिया  अग्रवाल (वर्षीय स्वर्ण पदक विजेता) के सम्मान में यह समारोह रखा गया है | इस अवसर पर श्रीमती विजयलक्ष्मी काबरा (संस्था की उपाध्याक्षा) अध्यक्ष, आनिया अग्रवाल (स्वर्ण एवं रजत पदक विजेता तथा संगीत-कला, फेंसी ड्रेस में प्रथम स्थान) मुख्य अतिथि, संपत देवी मुरारका (संस्था, अध्यक्ष), राजेश मुरारका (प्रधान सचिव), हेमलता शर्मा (संस्था की सहसचिव), सीता अग्रवाल (कोषाध्यक्ष) विशेष अतिथि मंचासीन हुए | संपत देवी मुरारका ने उपस्थित सभा का स्वागत किया एवं सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की | श्रीमती मुरारका ने आनिया अग्रवाल का जीवन परिचय पढ़कर सुनाया एवं खेल, संगीत-कला तथा फेंसी ड्रेस के क्षेत्र में उनके योगदान की प्रसंशा की | उन्होंने आगे कहा कि निरंतर उन्नति के शिखर पर पहुंचती रहो यही मेरा शुभाशीर्वाद है | आनिया अग्रवाल ने कहा कि  माता-पिता के आशीर्वाद से वह पदक जीतने में सफल हुई विजयलक्ष्मी काबरा ने कहा कि आनिया का सफल होने में उसकी मेहनत के साथ-साथ इसके माता-पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है इसलिए उन्हें भी मैं धन्यवाद देती हूँ | उन्होंने आगे कहा कि आनिया दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करती रहे यही मेरी शुभकामनाएं हैं | हेमलता शर्मा,  राजेश मुरारका, सीता अग्रवाल, लता व्यास एवं तनुजा व्यास ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये | संपत देवी मुरारका ने संचालन किया |

तत्पश्चात संस्था के तत्वावधान में आनिया अग्रवाल का संपत देवी मुरारका, विजयलक्ष्मी काबरा, राजेश मुरारका, मोना शर्मा, हेमलता शर्मा, तनूजा व्यास, लता व्यास, सीता अग्रवाल, ने शॉलपुष्पगुच्छ से सम्मान किया | राजेश मुरारका ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

संपत देवी मुरारका
 (अध्यक्ष) इण्डिया काइंडनेस मूवमेंट
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद 

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में निराला जयंती संपन्न





दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में निराला जयंती संपन्न


हैदराबाद, 4 फरवरी 2014 (मीडिया विज्ञप्ति).
आज यहाँ दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के पीजी विभाग में आयोजित एक सादे समारोह में वसंत पंचमी और निराला जयंती का उत्सव संपन्न हुआ. आरंभ में डॉ. साहिरा बानू बी. बोरगल ने वसंत पंचमी को भारतीयों का साहित्यिक और सांस्कृतिक पर्व बताते हुए आगंतुकों का स्वागत किया. सामूहिक सरस्वती पूजा के उपरांत नीता जाजू ने निराला कृत सरस्वती वंदना वर दे वीणा वादिनीका सस्वर गायन किया.

इस अवसर पर डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा ने निराला की संक्षिप्त जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्ष और साहित्य के परस्पर संबंध की चर्चा की. इसके बाद वी.एन.पी. पल्लवी और अर्चना ने निराला की कविताओं का वाचन किया. साथ ही उनके उपन्यास बिल्लेसुर बकरिहाके अंशों का पाठ भी किया गया. डॉ. बलविंदर कौर ने डॉ. रामविलास शर्मा लिखित निराला की साहित्य साधनाके भावपूर्ण अंश प्रस्तुत किए तो के. अनिल कुमार ने अमृतलाल नागर कृत टुकड़े टुकड़े दास्तानसे निराला संबंधी संस्मरण पढ़कर सुनाया.

उत्सव का संचालन करते हुए डॉ. मृत्युंजय सिंह ने वसंत पंचमी और होली से संबंधित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर अपने विचार रखे तथा निराला को विलक्षण काव्य प्रतिभावाला संस्कृति चेता कवि बताया. अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. ऋषभ देव शर्मा ने वसंत पंचमी को मनुष्य जाति की आदि-सृजनेच्छा का प्रतीक और निराला को आधुनिक हिंदी कविता में इस सृष्टि कामना का सर्वाधिक उत्फुल्ल प्रतिनिधि कवि बताया. आलोक राज सक्सेना के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

[प्रस्तुत कर्ता – ऋषभदेव शर्मा]

संपत देवी मुरारका
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद

रविवार, 2 फ़रवरी 2014

प्रो.ऋषभदेव शर्मा कृत ‘तेलुगु साहित्य का हिंदी पाठ’ (निबंध संग्रह) लोकार्पित

                                 
                                   



प्रो.ऋषभदेव शर्मा कृत ‘तेलुगु साहित्य का हिंदी पाठ’ (निबंध संग्रह) लोकार्पित

बिंदु आर्ट्स एवं श्री त्यागराय गानसभा, हैदराबाद के संयुक्त तत्त्वावधान में मंगलवार 7 जनवरी 2014 को श्री कलासुब्बाराव ऑडिटोरियम, श्री त्यागराय गानसभा के प्रेक्षागृह में प्रमुख हिंदी कवि प्रो. ऋषभदेव देव शर्मा की पुस्तक ‘तेलुगु साहित्य का हिंदी पाठ’ (निबंध संघ्रह) का लोकार्पण डॉ. सी. भवानी देवी (प्रमुख तेलुगु साहित्यकार) की अध्यक्षता में संपन्न हुआ |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं लोकार्पणकर्ता प्रो. एम. वेंकटेश्वर (अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (इफ्लू), हैदराबाद के हिंदी एवं भारत अध्ययन विभाग के पूर्व अध्यक्ष), कृति स्वीकार प्रो.एन.गोपि (केंद्र साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत तेलुगु कवि), आत्मीय अतिथि डॉ. कलावेंकट दिक्षितुलु (विश्व रिकार्ड ग्रहीता), पुस्तक समीक्षक डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा (सह संपादक ‘स्रवंति’ दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा), समन्वयक डॉ. एस. रघु (प्राध्यापक, तेलुगु विभाग, उस्मानिया विश्वविद्यालय) एवं प्रो.  ऋषभदेव शर्मा (अध्यक्ष, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान द.भा.हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद) मंचासीन हुए |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एम. वेंकटेश्वर ने प्रो. ऋषभदेव शर्मा की समीक्षा पुस्तक ‘तेलुगु साहित्य का हिंदी पाठ’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं में तेलुगु भाषा का भाषिक साहित्य एवं सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है तथा तेलुगु साहित्य का हिंदी में बड़ी मात्रा में अनुवाद भी हो चूका है, जो तेलुगु संस्कृति को निकट से जानने-समझने के लिए बहुत सहायक है | उन्होंने आगे कहा कि इस पुस्तक में तेलुगु साहित्य का विवेचन हिंदी में अनुदित पाठ के प्रति लेखक की सहज संवेदना का प्रतिक है |

प्रो. एन. गोपि ने लोकार्पित पुस्तक की पहली प्रति स्वीकार करते हुए कहा कि अन्नमाचार्य से लेकर आज तक के तेलुगु साहित्यकारों के रचनाकर्म पर हिंदी में प्रस्तुत यह समीक्षा कृति वास्तव में हिंदी और तेलुगु के मध्य एक नए स्नेह संबंध की शुरुआत है | उन्होंने आगे कहा कि इस पुस्तक को स्वीकार करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है, क्योंकि इससे हिंदी समाज का तेलुगु समाज के प्रति प्रेम प्रकट हो रहा है |

डॉ. कलावेंकट दीक्षितुलु ने ‘तेलुगु साहित्य का हिंदी पाठ’ के प्रकाशन को हिंदी तेलुगु साहित्य की महत्वपूर्ण साझा घटना बताया और कहा कि इसके लिए तेलुगु साहित्य जगत कृतज्ञ रहेगा |

डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा ने लोकार्पित पुस्तक की समीक्षा विस्तार पूर्वक प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस पुस्तक में 36 निबंध और 1 विस्तृत शोधपत्र शामिल है जिनसे यह पता चलता है कि तेलुगु साहित्य के अनुवाद के माध्यम से हिंदी के भाषा समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक भाषिक और साहित्यिक स्तर  पर निश्चित तौर पर समृद्ध  किया है तथा भारत की सामाजिक संस्कृति के विकास में उल्लेखनीय योगदान किया है |

डॉ. सी. भवानी देवी समारोह की अध्यक्षता करते हुए लेखक ऋषभदेव शर्मा के कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी यह पुस्तक हिंदी और तेलुगु दोनों भाषाओं के पाठकों के लिए तो उपयोगी है ही अनुवाद, भारतीय साहित्य और तुलनात्मक अध्ययन के शोधार्थियों और अध्येताओं के लिए भी समान रूप से लाभकारी है |

इस अवसर पर संपत देवी मुरारका (अध्यक्ष,इण्डिया काइंडनेस मूवमेंट), वी.कृष्णा राव (श्री साहिती प्रकाशन), डॉ.सी.एस.आर.मूर्ति (बिंदु आर्ट्स) की ओर से तथा तेलुगु और हिंदी की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, साहित्यकारों और शोधार्थियों सहित विमोचन पुस्तक के लेखक प्रो.ऋषभदेव शर्मा का सारस्वत सम्मान भी किया |

साहित्यिक समारोह में संपत देवी मुरारका, डॉ. पूर्णिमा शर्मा, विनीता शर्मा, डॉ. गोरखनाथ तिवारी, ज्योति नारायण, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, आशीष नैथानी एवं नगरद्वय के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे |

डॉ. सी. भवानी देवी ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा समन्वयक डॉ. एस. रघु ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया |

संपत देवी मुरारका
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद