शुक्रवार, 6 जनवरी 2012

"चुनाव एवं कविता पाठ संपन्न"

"चुनाव एवं कविता पाठ संपन्न"


"चुनाव एवं कविता पाठ संपन्न"

 
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन, आंध्र-प्रदेश महिला शाखा, हैदराबाद के तत्वावधान में हिन्दी प्रचार सभा, नामपल्ली में मंगलवार को मध्याह्न ३ बजे पदाधिकारियों का चुनाव व कविता पाठ का आयोजन किया गया |

यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम में पर्यवेक्षक के रूप में डॉ. देवेन्द्र शर्मा व भगवानदास जोपट, विशेष अतिथि के रूप में लक्ष्मीनारायण अग्रवाल तथा शाखा की अध्यक्षा डॉ. अहिल्या मिश्र मंचासीन हुए | कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. रमा द्विवेदी की सरस्वती वंदना से हुआ | गोष्ठी में 2011-2012 के लिए पदाधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि डॉ. अहिल्या मिश्र अध्यक्ष, रमा द्विवेदी-महासचिव एवं मीना मूथा-कोषाध्यक्ष के पद पर रहकर पूर्ववत कार्य करेंगी | नए पदाधिकारियों में विनीता शर्मा-उपाध्यक्षा, एलिजाबेथ कुरियन 'मोना'- सचिव एवं पवित्रा अग्रवाल को सचिव पद के लिए सर्वसम्मति से चयनित किया गया | कार्यकारणी सदस्यों के रूप में डॉ. सीता मिश्रा, डॉ.मदनदेवी पोकरना,शांति अग्रवाल, प्रो.शेषारत्नम, डॉ. सुनीला सूद, रत्नकला मिश्र, भावना पुरोहित, ज्योति नारायण, सरिता सुराना, लीला बजाज, उमा सोनी व मीता जोशी प्रमुख रहे | अवसर पर वरलक्ष्मी विशेष आमंत्रण पर उपस्थित हुई | संचालन शाखा की महासचिव डॉ. रमा द्विवेदी किया एवं कोषाध्यक्ष मीना मूथा ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

संपत देवी मुरारका, 
हैदराबाद 


बुधवार, 4 जनवरी 2012

"श्रीलाल शुक्ल की स्मृति में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित"




"श्रीलाल शुक्ल की स्मृति में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित"

हिन्दी के प्रख्यात ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध उपन्यासकार पद्म भूषण पं. श्रीलाल शुक्ल की पुण्य स्मृति में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया संगोष्ठी का मुख्य विषय 'हिन्दी साहित्य को श्रीलाल शुक्ल का प्रदेयथा यहाँ जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस अवसर पर श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास पर आधारित 'राग दरबारी का राजनैतिक संदर्भपुस्तक का लोकार्पण भी किया गया संगोष्ठी का आयोजन दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभाहैदराबाद (आंध्र प्रदेश) के संयोजन में आंध्र प्रदेश हिन्दी अकादमी द्वारा किया गया |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. अमरसिंह वधान (प्रोफेसर एमरिट्स,निदेशक उच्चतर शिक्षा एवं शोध केंद्रचंडीगढ़ एवं प्रो. कुलपतिविक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठभागलपुरबिहार) ने अपने वक्तव्य में कहा कि श्रीलाल शुक्ल का साहित्य लोक सत्यसाहित्यिक सत्य एवं आध्यात्मिक सत्य का सुन्दर समन्वय है उनकी कृतियाँ वैश्विक जागरूकता पैदा करके युवाओं को सही एवं सार्थक दिशा प्रदान करती है उन्होंने आगे कहा कि सीमा मिश्रा देश की पहली शोधार्थी हैंजिन्होंने श्रीलाल शुक्ल के समग्र साहित्य का गहराई में विश्लेषण एवं मूल्यांकन करके शाश्वत सत्यों को प्रतिष्ठित किया है उनकी आज लोकार्पित हुई पुस्तक 'श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास राग दरबारी का राजनैतिक संदर्भश्रीलाल शुक्ल की व्यंग एवं आलोचकीय दृष्टि को शोध के नूतन मानदंडों की कसौटी पर स्थापित करती हैं डॉ. वधान ने शुक्ल जी के साहित्य में मौजूद इस सत्य को भी उदघाटित किया कि वे हिन्दी भाषा में निहित जोड़ने एवं सत्य को विस्तार देने की शक्ति के प्रबल समर्थक थे |

लोकार्पित पुस्तक पर अपने विचार प्रकट करते हुए 'स्वतन्त्र वार्ताहिन्दी दैनिक के संपादक डॉ. राधेश्याम शुक्ल ने कहा कि श्रीलाल शुक्ल के साहित्य में आगत आंचलिक एवं राजनैतिक संदर्भों को सीमा मिश्रा ने शीर्षस्थ तक पहुंचाया है यह शोध परक कृति हिन्दी शोध के क्षेत्र में नये आयाम जोड़ती है तथा तुलनात्मक साहित्य पर शोध की नई दिशाओं को उदघाटित करती है अपने बीज व्याख्यान में प्रो. टी. मोहन सिंहअध्यक्षहिन्दी अकादमी एवं प्रधान संपादक-‘संकल्य’ ने कहा कि रचनाकार के रूप में श्रीलाल शुक्ल हमारे सामने आए, यद्यपि वे एक कुशल प्रशासक के रूप में ख्याति प्राप्त व्यक्ति थे उनहोंने अपने अनुभव से भारत के सामाजिक जीवन का अपने कथा साहित्य में यथार्थ चित्रण किया | उन्होंने अपने उपन्यासों में विशेष रूप से ‘रागदरबारी’ में राजनैतिक यथार्थ और शिक्षा में आए दोशों को विश्वसनीय ढंग से रेखांकित किया | अपने अध्यक्षीय उदबोधन में प्रो. ऋषभदेव शर्मा, अध्यक्ष उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, हैदराबाद ने उद्घाटित किया कि एक शोधार्थी के रूप में सीमा मिश्रा ने श्रीलाल शुक्ल के रागदरबारी एवं अन्य समग्र साहित्य का विश्लेषण एवं मूल्यांकन एवं पैनी दृष्टि से किया है | वे देश की एक ऎसी पहली शोधार्थी हैं जिनका विपुल शोधकार्य श्रीलाल शुक्ल के साहित्य अनुशीलन को ही समर्पित है | इस अवसर पर सीमा मिश्रा, शोधार्थी, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, हैदराबाद ने श्रीलाल शुक्ल के कथा साहित्य में सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों तथा मूल्यों का सोदाहरण प्रस्तुत किया | उनके द्वारा श्रीलाल शुक्ल के समग्र साहित्य पर शोधकार्य संपन्न कर प्रस्तुत शोध प्रबंध (पीएचडी उपाधि हेतु) की गणमान्य व्यक्तियों एवं विद्वानों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके कार्य की प्रशंसा की | इस अवसर पर डॉ. अहिल्या मिश्र एवं डॉ. जी नीरजा, सीमा मिश्रा की  शोध निर्देशिका एवं कार्यक्रम संचालक ने शोधार्थी सीमा मिश्रा के शोधकार्य की मौलिकता, गुणवत्ता तथा मूल्यवत्ता को उच्च सीमा पर रेखांकित किया | कार्यक्रम के दौरान श्रीलाल शुक्ल के सुपुत्र श्री आशुतोष शुक्ल ने अपने मोबाईल संदेश में बताया कि उनके पिताश्री एक प्रतिबद्ध रचनाकार थे और उनका विश्वास था कि एक अच्छे कलाकार से एक अच्छा इंसान होना जरूरी है, उन्होंने श्रीलाल शुक्ल के व्यक्तित्व की विशिष्टताओं को भी संदेशित किया | कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी. नीरजा एवं शोधार्थी सीमा मिश्रा ने क्रमवार किया | इस भव्य आयोजन में देश के अनेक साहित्यकारों विद्वानों, कलाकारों और पत्रकारों ने सक्रिय सहभागिता की | अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ |

संपत देवी मुरारका
    लेखिका यात्रा विवरण   
हैदराबाद 




"शान्ति अग्रवाल "तुलसी साहित्य 2011 अलंकरण" से सम्मानित"


"शान्ति अग्रवाल "तुलसी साहित्य 2011 अलंकरण" से सम्मानित"

"शान्ति अग्रवाल "तुलसी साहित्य 2011 अलंकरण" से सम्मानित"
मध्यप्रदेश तुलसी साहित्य अकादमी ने शनिवार को हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन में "तुलसी साहित्य 2011 अलंकरण" का आयोजन किया | इसमें तुलसी साहित्यकार-2011 अलंकरण से श्रीमती शान्ति अग्रवाल को उनकी कहानी संग्रह "नयन दीप" हेतु एवं कई साहित्यकारों को सम्मानित किया गया | इस दौरान पत्रिका पुष्पक, आनंद के शिक्षप्रद दोहे, ममतामय राष्ट्र, जीवन के रंग, नयन कहेंगे दिल की बातें व नए एहसास आदि कृतियों का लोकार्पण भी किया गया | कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार और पुष्पक मासिक पत्रिका हैदराबाद की संपादक श्रीमती डॉ. अहिल्या मिश्र उपस्थित थीं | कार्यक्रम की  अध्यक्षता डॉ. सुमित्र ने की |                                                                                                                                    
                                                                                                                                        संपत देवी मुरारका 
हैदराबाद