शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

"नारायणदास जाजू की कृति ‘महकी माटी, महके कण-कण’ लोकार्पित"







नारायणदास जाजू की कृति ‘महकी माटी, महके कण-कण’ लोकार्पित

विख्यात गजलकार नारायणदास जाजू की 10 वीं कृति ‘महकी माटी महके कण-कण’ का लोकार्पण 10 जून 2013 को सेलिंग क्लब में आयोजित एक साहित्यिक समारोह में हुआ | साहित्यकारों ने इस कृति को देश प्रेम, दर्शन, धर्म और अध्यात्म की रचनाओं से ओत-प्रोत अप्रतिम संकलन करार दिया |

नारायणदास जाजू के पुत्र एवं आईएएस अधिकारी संजय जाजू ने कहा कि अध्यात्म को चंद शब्दों में समेटना आसान नहीं है, लेकिन उनके पिता ने न केवल ऐसा किया | इस संबंध में किये गए प्रश्नों का भी वे संतोषजनक उत्तर दिया करते थे | दूसरी भाषाओं के शब्दों को अपनाने में वे बिल्कुल नहीं हिचकिचाते थे, बल्कि हिंदी उर्दू मिश्रित हिन्दुस्तानी भाषा को उन्होंने प्रोत्साहित किया | ‘दर्द ही दर्द’ से उन्होंने शुरुआत की थी और ‘प्यार ही प्यार’ तक पहुँचना चाहते थे | इसी प्रयास में उन्होंने अंतिम सांस लीं | संजय जाजू ने इस अवसर पर पिता की पुस्तक से कई कवितायें सुनाई और उनके भाव को श्रोताओं तक पहुँचाने का प्रयास किया |

समारोह की अध्यक्षता कवि व पत्रकार विश्रांत वशिष्ठ ने की | उन्होंने नारायणदास की कविता के विविध रंगों पर प्रकाश डालते हुए गजलों, कविताओं, वंदना गीतों की प्रासंगिकता का उल्लेख किया |

डॉ.रामकरण ने कहा कि नयी पुस्तक में शामिल 74 रचनाओं में विषय वैविध्य है | समता, राष्ट्रीयता, सरलता, भारतीय संस्कृति, भक्ति, कई सारे रंग इन कविताओं में हैं | यह कवितायें मानव जाती के हित से जुडी हुई है | धर्मनिरपेक्ष कवि की भावनाओं के रूप में भी उन्हें देखा जा सकता है | उनका देश प्रेम पड़ोसी देश का विरोध नहीं है, बल्कि वह ऐसा है जैसे व्यक्ति अपनी माँ, पत्नी एवं बच्चों से प्रेम करे | यह पुस्तक देश प्रेम, धर्म एवं अध्यात्म की प्रतिपूर्ति है | समारोह को गोवा विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. बालकृष्ण शर्मा रोहिताश्व, संवाद सेतु के संपादक शशि नारायण स्वाधीन, डॉ.उषा रत्नाकर, डॉ.रत्नाकर शुक्ला उस्मानिया विश्वविद्यालय की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.दुर्गेश नंदिनी, डॉ.सृंजय, डॉ. लक्ष्मण शिवहरे, फरीद जियाई, विजय निशांत, एलिजाबेथ कुरियन मोना, गीता प्रकाशन के संचालक राजकुमार टंडन आदि वक्ताओं ने संबोधित किया | नविनी जाजू ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की | कार्यक्रम का संचालन अनिता पांडे ने किया |

अवसर पर एपीएसआरटीसी के उपाध्यक्ष सह-प्रबंध-निदेशक ए.के. खान, आईएएस अधिकारी जयेश रंजन, डॉ. अहिल्या मिश्र, संपत देवी मुरारका, राजकुमारी, रूबी मिश्रा, जाजू परिवार के मित्रगण तथा साहित्य प्रेमी उपस्थित थे |
संपत देवी मुरारका
लेखिका यात्रा विवरण
   मीडिया प्रभारी
अध्यक्षा (इण्डिया काइण्डनेस मूवमेंट)
हैदराबाद



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