शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

परंपरागत गोष्ठी एवं गीतकार मधुकरजी का सम्मान समारोह आयोजित




परंपरागत गोष्ठी एवं गीतकार मधुकरजी का सम्मान समारोह आयोजित

कादम्बिनी क्लब हैदराबाद एवं नगर की वरिष्ठ साहित्यिक संस्था सांझ के साथी हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में रविवार दि. 21 जुलाई को हिंदी प्रचार सभा परिसर (नामपल्ली) में क्लब की मासिक गोष्ठी एवं गीतकार श्री गौरीशंकर मधुकर जी के सम्मान में काव्यगोष्ठी का सफल आयोजन संपन्न हुआ |

क्लब संयोजिका डॉ. अहिल्या मिश्र एवं श्री बिशनलाल संघी (मंत्री-सांझ के साथी) ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर श्रीमती पद्माराव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की | श्री शिवकुमार तिवारी कोहिर, गीतकार गौरीशंकर मधुकर (बीकानेर राजस्थान), श्री नरेंद्र राय, वेणुगोपाल भट्टड, अनिल कुमार वाजपेयी, अजित गुप्ता, डॉ. अहिल्या मिश्र, श्री संघी मंचासीन हुए | मीना मूथा ने उपस्थित सभा का स्वागत किया | डॉ. अहिल्या मिश्र क्लब का संक्षिप्त परिचय देते हुए सांझ के साथी का स्वागत किया | ज्योति नारायण ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की | श्री संघी ने संस्था का परिचय दिया तथा श्री भट्टड ने मधुकर जी का जीवन परिचय पढ़कर सुनाया | प्रथम सत्र में युवा कवि आशीष कुमार नैथानी ने अपनी चुनिंदा रचनाओं का पाठ किया | इसपर अपने विचार रखते हुए डॉ. मदनदेवी पोकरणा ने कहा कि इस युवा मन में असंख्य भावनाएं उमड़ रही है | उदारता मासूमियत है प्रेम में, दुनिया को सुखी करने की भावना है, राजनीति में भविष्य को टटोला है, सरल शब्दावली में दो पीढ़ियों के अंतर को सफल चित्रित किया है | श्री लक्ष्मीनारायण अग्रवाल ने कहा कि आशीष के अन्दर कविता निश्चित है और अच्छी कविता है | कविता सरल है पर विशेष है | कवि ने पैसे काफी नहीं हैकहकर हम संवाद से कटते जा रहे हैं इस ओर इशारा किया | गजल में मात्राओं का ध्यान रखा गया है | यह दबावों का युग है, जमीन से जुडी कविता पर ध्यान केन्द्रित करते हुए अच्छे गजलकारों से आशीष मार्गदर्शन लें यह भी सुझाव दिया | श्री भंवरलाल उपाध्याय एवं डॉ. सीता मिश्र ने भी अपने विचार रखें | डॉ. अहिल्या मिश्र ने कहा कि उत्तराखंड आशीष की रचना सृजन में व्याप्त है | भाव-बोध-शिल्प है | शब्दों का प्रयोग धीरे-धीरे व्यवहार करने पर ही आएगा | आपाधापी के युग में हम भौतिकवाद की ओर जा रहें हैं ऐसे में संबंध किसप्रकार बिखर रहे हैं इसका सुन्दर वर्णन आशीष की रचनाओं में है | श्रीमती पद्माराव ने कहा कि हम नई पीढ़ी से अपने अनुभव जरुर बांटना चाहेंगे | श्री कोहिर ने भी युवाकवि को आशीष प्रदान किया |

तत्पश्चात के सत्र में संस्थाद्वय की ओर से गीतकार मधुकर जी का शाल-पुष्पगुच्छ-माला-मोमेंटो से सम्मान किया गया | इसी क्रम में अग्रोहा को.ऑ.बैंक के चेयरमैन नियुक्त होने पर श्री अजीत गुप्ता का भी सम्मान किया गया | श्री भट्टड ने कहा कि व्यस्तता की दौड़ में संस्थाएं मिलजुलकर  कार्यक्रम करें तो सभी के लिए सुविधाजनक होगा | मधुकर जी के सम्मान में तथा भंवरलाल उपाध्याय के सफल संचालन में कविगोष्ठी का आयोजन हुआ | श्री मधुकर जी ने गीत प्रस्तुत किये | विजय विशाल, पुरुषोत्तम कडेल, गुनेश्वर राव, पवित्रा अग्रवाल, संपत देवी मुरारका, भावना पुरोहित, ज्योति नारायण, जी. परमेश्वर, तनुजा व्यास, सरिता सुराणा, सरिता गर्ग, बिशनलाल संघी, आशीष नैथानी, ब्रजमोहन, दर्शन सिंह, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, रामकृष्ण पाण्डेय, अजीत गुप्ता, बिन्दू महाराज, डॉ. अहिल्या मिश्र, मीना मूथा, सुरेश जैन, एल. रंजना, नरहर देव, सुनीता गुप्ता, वेणुगोपाल भट्टड, पद्माराव, शिवकुमार तिवारी, सत्यनारायण काकडा, जुगल बंग जुगल, डॉ. अर्चना झा ने काव्यपाठ किया | श्री नरेंद्र राय ने अध्यक्षीय काव्यपाठ किया | रामकिशन सोनी, दिलीप सिंह, कैलाशचंद्र सोनी भी उपस्थित थें | मीना मूथा ने प्रथम सत्र का संचालन किया | बिशनलाल संघी के धन्यवाद के साथ गोष्ठी का समापन हुआ |
डॉ. अहिल्या मिश्र
क्लब संयोजिका
संपत देवी मुरारका
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद 


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