शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

“अमरकंटक” (यात्रा वृत्तांत हाइकू में)



“अमरकंटक” (यात्रा-वृत्तांत हाइकू में) माँ नर्मदा का अमरकंटक में उद्गम हुआ हास्य से भरी माँ नर्मदा की धार हमें सींचती रेवा नायक लाल पत्थर कुण्ड किया निर्माण कर्ण मंदिर सप्तरथ शैली में बना हुआ है मच्छेन्द्रनाथ सौलह स्तम्भों पर है आधारित पातालेश्वर भूमिज शैली बना है गर्भगृह मूर्ति प्रसिद्ध केशव नारायण अति सुन्दर माँ की बगिया चरणोदक कुण्ड है जाना जाता माँ के बाग में गुलबकावली का प्रसिद्ध पुष्प पूर्व काल में गुलबकावली थी कन्या सुन्दर पुष्प का अर्क नेत्र रोग के लिए है लाभकारी माँ का मड़वा ब्रह्मपुत्र सोण से विवाह होना विघ्न पड़ने हो न सका

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें