रविवार, 8 जनवरी 2012

अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन के आं.प्र. शाखा का द्विदिवसीय कार्यक्रम संपन्न





अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन के आं.प्र. शाखा का द्विदिवसीय कार्यक्रम संपन्न
विगत दिनों अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल की आंध्र प्रदेश शाखाओं द्वारा क्रमश:श्रीकृष्ण देवराय भाषा निलयम एवं मुरारका पैलेस सुल्तान बाजार में द्विदिवसीय साहित्य सम्मेलन एवं सम्मान समारोह एवं पुरस्कार कार्यक्रम संपन्न हुआ | अ.भा.भा.सा.स. महिला शाखा की अध्यक्षा डॉ. अहिल्या मिश्र एवं मंत्रिणी डॉ. रमा द्विवेदी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि प्रथम दिवस में साहित्य सम्मेलन एवं कृष्णानंदा कलापूर्णम डॉ. पोतिकुची पुरस्कार का आयोजन सायं 5.30 बजे से संपन्न हुआ | इस अवसर पर मुख्य अतिथि के.बी.रमणाचारी आईएएस, पूर्व सेक्रेट्री रेवेन्यू आं.प्र. सरकार, अध्यक्ष पी.वी.ब्रह्मम, अध्यक्ष अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन आं.प्र.विभाग, विशेष अतिथि डॉ. मारिया कुमार आईएएस आईजी ऑफ पुलिस (भोपाल म.प्र.) पुरस्कार ग्रहीता सतीश चतुर्वेदी अ.भा.भा.सा.स.भोपाल के अध्यक्ष सम्मानित अतिथि डॉ. पोतिकुची सांबशिवा राव अध्यक्ष विश्व (साहिति) एस. प्रसाद राव विश्व भूषण, डॉ. एमएल नरसिम्ह राव एवं डॉ. अहिल्या मिश्र महिला अध्यक्ष (अ.भा.भा.सा.स. आं.प्र.महिला विभाग) मंचासीन हुए | पी.वी.ब्रह्मम ने सभी का स्वागत किया |

रमणाचारी ने अपनी बात रखते हुए अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के  सर्वभाषा में साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के कार्य को समयानुकूल बताया | डॉ. अहिल्या मिश्र ने पुरस्कार प्रदान करने हेतु पी.सांबशिव राव को धन्यवाद देने हेतु इस संस्था को भविष्य में भी पुरस्कार बनाए रखने हेतु प्रदत्त 15000 रुपये की राशि प्रदान करने हेतु सराहना की | 40 वर्षों की संस्था का 3000 हजार से ऊपर भाषा एवं सार्वदेशिक संगन के अध्यक्ष को यह पुरस्कार देना एवं आगे भी इस कार्य की सुचारूता का भार सोंपना उत्तममोत्तर कार्य है | सतीश चतुर्वेदी ने अपने विचार प्रकट किए | भोपाल से पधारे जगदीश श्रीवास्तव एवं पी.मारिया कुमार के आतिथ्य में विभिन्न तेलुगु भाषा-भाषी करीब 20 कवि एवं कवयित्रियों के साथ डॉ.अहिल्या मिश्र एवं रत्नकला मिश्र ने भी सहभागिता निभाई |

सम्मान कार्यक्रम व काव्य गोष्ठी संपन्न
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन, आं.प्र. महिला शाखा के तत्वावधान में बड़ी चावडी स्थित मुरारका पैलेस में सम्मान और साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया | शाखा की अध्यक्षा डॉ. अहिल्या मिश्र एवं महासचिव डॉ.रमा द्विवेदी ने संयुक्त विज्ञप्ति दी है | इस आयोजन की अध्यक्षता केंद्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सतीश चतुर्वेदी ने की | आं.प्र. शाखा के परामर्शदाता डॉ. पी. सांबशिवराव मुख्य अतिथि, शाखा के अध्यक्ष ब्रह्मम, विशेष अतिथि एवं विशेष आमंत्रित गीतकार जगदीश श्रीवास्तव (भोपाल), गौरवनीय अतिथि तथा महिला शाखा की अध्यक्षा डॉ. अहिल्या मिश्र मंचासीन हुए |

संपत देवी मुरारका ने अतिथियों का स्वागत किया | श्रीमती ज्योति नारायण का सुरसरस्वती वंदना से कार्यक्रम आरंभ हुआ |

तत्पश्चात डॉ. चतुर्वेदी, डॉ. सांबशिवराव, ब्रह्मम व जगदीश श्रीवास्तव (भोपाल) का सम्मान शाल, मोती माला व पुष्प गुच्छ से शाखा के सदस्यों द्वारा किया गया |

डॉ. चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि संयुक्त कार्यक्रम करके शाखा का विस्तार एवं प्रकाशन के द्वारा शाखा की रिपोर्ट प्रकाशित करने की बात कही | डॉ.सांबशिव राव ने कहा कि विभिन्न भाषाओँ से संबंधित लोगों को आमंत्रित करके चर्चा करनी चाहिए | श्री ब्रह्मम ने सहकारिता की उपयोगिता पर अपने विचार रखे |

श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किये | डॉ. रमा द्विवेदी ने शाखा के कार्यकलापों का विवरण प्रस्तुत किया | तत्पश्चात बहुभाषी काव्यगोष्ठी संपन्न हुई जिसमें संपत देवी मुरारका, मीना मुथा, ज्योतिनारायण, डॉ. मदन देवी पोकरणा, डॉ. सीता मिश्र, डॉ.रमा द्विवेदी, उमा सोनी, भावना पुरोहित, सरिता सुराणा जैन, (मारवाड़ी कविता), डॉ. अहिल्या मिश्र, विनीता शर्मा एवं डॉ. चतुर्वेदी ने विविध रसों से भरपूर रचनाएँ सुनाकर समां बाँध दिया |

प्रसिद्ध गीतकार गजलकार श्रीवास्तव ने विविध रंगों, विविध अर्थी एवं विविध रसों से पूर्ण रचनाएँ प्रस्तुत करके सबका मन मोह लिया | कुछ पंक्तियाँ दृष्टव्य है-बरसता है कहीं बादल तुम्हारी याद आती है /बिखरता है कहीं काजल तुम्हारी याद आती है | या फिर- कुछ तो हकीकत है इस कहानी में/दोस्ती होने लगी है आग-पानी में | संचालन मीना मूथा ने किया | सरिता सुराणा के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम समाप्त हुआ | संपत देवी मुरारका इस कार्यक्रम की आयोजक रही |
संपत देवी मुरारका,
 हैदराबाद 

3 टिप्‍पणियां:

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  2. अखिल भारतीय होते हुए भी शायद यह सीमित कार्यक्रम था। चित्र एवं रिपोर्ट के लिए आभार॥

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  3. धन्यवाद चन्द्रमौलेश्वर्जी एवं डॉ. बी बालाजी विलम्ब के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ | इन दिनों जवाब देने का समय ही नहीं मिला | अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन एक संस्था का नाम है | इस संस्था की अध्यक्ष डॉ. अहिल्या मिश्र है | पूर्व में मैं उपाध्यक्षा थी लेकिन चुनाव के समय मेरी अनुपस्थिति के कारण आजीवन सदस्य बना दिया गया |

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