शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

कादम्बिनी क्लब की मासिक गोष्ठी आयोजित


कादम्बिनी क्लब की मासिक गोष्ठी आयोजित



कादम्बिनी क्लब की मासिक गोष्ठी आयोजित                                        
कादम्बिनी क्लब, हैदराबाद के तत्वावधान में रविवार, 19 अगस्त 2012 को हिन्दी प्रचार सभा परिसर में क्लब की 240 वीं मासिक गोष्ठी एवं ‘पुष्पक-20’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया |

आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, क्लब की संयोजिका अहिल्या मिश्र एवं कार्यकारी संयोजिका मीना मुथा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कवि वेणु गोपाल भट्टड़ (अध्यक्ष), डॉ. राधेश्याम शुक्ल (लोकार्पणकर्ता), डॉ. अमरनाथ मिश्र (पुस्तक परिचय प्रस्तुतकर्ता), डॉ. अहिल्या मिश्र (संयोजिका) मंचासीन हुए | मीना मुथा ने उपस्थित सभी का स्वागत किया | शुभ्रा महंतो ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की | अवसर पर डॉ. अहिल्या मिश्र ने स्वागत भाषण में कहा कि विगत 18 वर्षों से क्लब अपनी निरंतरता बनाये हुए है | दो दशक की पूर्ति की ओर हम अग्रसर हो रहें हैं | इस उपलक्ष्य में क्लब का यह प्रयास होगा कि हर माह की गोष्ठी विशेष गोष्ठी के रूप में आयोजित की जाए | पुष्पक प्रकाशन 1996 से आरंभ हुआ और आज हम 20वें पायदान पर हैं | पत्रिका के समय पर प्रकाशन और उसे स्तरीय बनाने में संपादक मंडल लक्ष्मीनारायण अग्रवाल एवं डॉ.रमा द्विवेदी का अमूल्य योगदान है | डॉ. अमरनाथ मिश्र ने पुष्पक-20 के परिचय में कहा कि जब पूरी पुस्तक का अभ्यास किया तो जाना यह पुष्पक आम आदमी के लिए है | सशक्त संपादकीय ने साहित्य के उद्देश्य को उजागर किया है | संग्रह में कथाएं, कविताएँ, निबंध, संस्मरण, समीक्षाएँ आदि का समावेश है | विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों को इसमें जोड़ा गया है | सती,अंधी सुरंग, सट्टा, मेरे पापा, प्रेस ने चोर पकड़ा आदि कहानियों के शीर्षक अपने आप में सशक्त है | संस्मरण ‘माँ का महकता आँचल’ मर्मस्पर्शी है | कविता गीत पक्ष भी सशक्त बन पड़ा है |

संपादक लक्ष्मीनारायण अग्रवाल ने कहा कि चर्चा गोष्ठी लेखन में विकास के लिए रखी जाति है | आज लेखन तो हो रहा है, पर उसमें विचार और मंथन का प्रभाव है | तनावयुक्त माहौल में हम जी रहे हैं और साहित्य ही इस तनाव से मुक्ति दिला सकता है | तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा ‘पुष्पक-20’ का लोकार्पण हुआ | श्री शुक्ल ने कहा कि पत्रिका अब जिम्मेदार यौवन की ओर बढ़ रही है | समय के साथ-साथ स्तर को वृद्धिगत करने और उसे कायम रखने की बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है | कुशल संपादक मंडल के हाथों में यह पत्रिका है तो निश्चित ही इसे आगे बढ़ना है | अध्यक्षीय संबोधन में वेणु गोपाल भट्टड़ ने कहा कि कादम्बिनी के प्रथम अंक से लेकर उन्होंने उसे पढ़ा है और सहेज कर रखा है और क्लब को उसे भेंट करना चाहते हैं | पुष्पक की ऊँची उड़ान के लिए उन्होंने हार्दिक बधाइयां दीं |

इसके पश्चात लक्ष्मीनारायण अग्रवाल के संचालन में कवि गोष्ठी संपन्न हुई | नरेंद्र राय की अध्यक्षता एवं संयोग कुमार ठाकुर व वेणुगोपाल भट्टड़ के आतिथ्य में आयोजित काव्य पाठ में भावना पुरोहित, संपत देवी मुरारका, दीपशिखा पाठक, पवित्रा अग्रवाल, भँवरलाल उपाध्याय, अजित गुप्ता, मीना मुथा, ज्योति नारायण, डॉ,रमा द्विवेदी, डॉ.सीता मिश्र, विनय कुमार झा, जुगल बंग जुगल, वी.वरलक्ष्मी, नीरज त्रिपाठी, बालाप्रसाद गोयल, मुकुंददास डोगरा, डॉ.अहिल्या मिश्र, वेणुगोपाल भट्टड़, डॉ.अमरनाथ मिश्र, सूरजप्रसाद सोनी, हेमांगी ठाकर ने भाग लिया | नरेंद्र राय ने अध्यक्षीय काव्य पाठ किया | इस दौरान महेन्द्रनाथ पाठक, विश्वनाथ पेंढारकर, डी.श्यामसुन्दर श्रीवास्तव, राजकामली उपस्थित थे | ज्योति नारायण ने धन्यवाद ज्ञापित किया | राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन हुआ |
डॉ.अहिल्या मिश्र
का. क्लब संयोजिका
संपत देवी मुरारका
इलेक्ट्रोनिकल मीडिया प्रभारी, का.क्लब

2 टिप्‍पणियां:

  1. samapat ji kadambini club ka samachar padhne ko mila, achcha laga .aap mere blog ke vishay me puch rahi thi --
    http://bal-kishore.blogspot.com/
    http://laghu-katha.blogspot.com/
    pavitra

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