मंगलवार, 8 नवंबर 2011

"कादम्बिनी क्लब का पुस्तक विमोचन और दीपावली मिलन आयोजित"







"कादम्बिनी क्लब का पुस्तक विमोचन और दीपावली मिलन आयोजित"

कादम्बिनी क्लब, हैदराबाद के तत्वावधान में रविवार, 6 नवम्बर को बशीरबाग प्रेस क्लब में क्लब का पुस्तक विमोचन एवं दीपावली मिलन आयोजित किया गया |

क्लब संयोजिका डॉ. अहिल्या मिश्र ने यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर प्रो.ऋषभदेव शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की | लोकार्पण कर्ता डॉ. राधेश्याम शुक्ल, बी. एस. वर्मा, रावुलपाटि सीताराम राव, एम. प्रभु  एवं क्लब संयोजिका डॉ. अहिल्या मिश्र मंचासीन हुए | शुभ्रा महन्तों द्वारा सरस्वती वंदना तथा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ | डॉ. मिश्र ने स्वागत भाषण में कहा, 'विगत 17 वर्षों में क्लब अपनी निरंतरता के लिए जाना जाता रहा है | मंचासीन अतिथियों ने मासिक तथा विशिष्ट गोष्ठियों में पधारकर हमारा मनोबल सदैव बढ़ाया है |' तत्पश्चात क्लब सदस्यों द्वारा अतिथियों का मोती माला से स्वागत किया गया | क्लब परिचय में मीना मुथा ने कहा कि कादम्बिनी क्लब शहर की साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों में सजगता,सक्रियता, सापेक्षता एवं सृजन धर्मिता का सुपरिणाम है | लक्ष्मीनारायण अग्रवाल ने जी. परमेश्वर कृत अनुवादित 'नन्हें फरिश्ते' का परिचय देते हुए कहा कि तेलुगु की दस चुनिंदा कहानियों को जी. परमेश्वर ने हिन्दी में सफलतापूर्वक अनुदित किया है | डॉ. जी. नीरजा ने पुष्पक-18 पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संपादकीय पत्रिका का महत्वपूर्ण केंद्र बिन्दु है | कहानी-कविता-लघुकथा, गीत, गजल, समीक्षात्मक और सांस्कृतिक आलेखों के साथ यात्रा विवरण भी शामिल है | अंक सराहनीय है | इसके पश्चात डॉ. शुक्ल एवं मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों से 'नन्हें फरिश्ते, पुष्पक 18' का लोकार्पण तालियों की गूँज में हुआ | डॉ. शुक्ल ने कहा कि यह सुखद संजोग है कि दीपावली पर्व पर इन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ | क्लब इसी प्रकार सजगता से आगे बढ़ता रहे | ऎसी मंगलकामना की |

परमेश्वर ने कहा कि अनुवाद दो भाषाओं के बीच सेतु का कार्य करता है | बी. वर्मा एवं प्रभु ने भी शुभकामनाएँ व्यक्त की | डॉ. रमा द्विवेदी ने प्रकाशन कार्य में आने वाली समस्याओं को संक्षिप्त में रखते हुए कहा कि आर्थिक सहयोग के बिना पत्रिका का समय पर प्रकाशित होना संभव नहीं है | रचनाकारों का सहयोग, प्रूफ रीडिंग, प्रतियों को डाक द्वारा भेजने की प्रक्रिया आदि पर उन्होंने अपनी बात रखी | अध्यक्ष प्रो. शर्मा ने कहा कि ये दो पुस्तकें अपने आप में दो दीपावलियाँ है | पुष्पक हर अंक के साथ प्रौढ़ता प्राप्त कर रहा है |  'नन्हें फरिश्ते'में अधिकांश  कहानियाँ दिल को छूती है | इस अवसर पर तेजराज जैन, टी. मोहन सिंह, सुरेश गुगलिया, दयानंद झा, भंवरलाल उपाध्याय, पवित्रा अग्रवाल, पुष्पा वर्मा, सम्पत देवी मुरारका, जी. सुनयना, एस.श्रीधर, के.शंकर, जी. जगदीश्वर, उमा सोनी, सावारीकर, विनीता शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, वीर प्रकाश लाहोटी, सत्यनारायण काकडा, दुर्गादत्त पांडे, वी. कृष्णा राव, वी. वनजा, गुरुदयाल अग्रवाल, डॉ. एम. रंगय्या, कुंजबिहारी गुप्ता, आदि उपस्थित थे | कार्यक्रम का सफल संचालन सरिता सुराणा जैन ने किया |  

संपत  देवी मुरारका
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी  
हैदराबाद 

1 टिप्पणी:

  1. बढिया चित्र और अच्छी रोपोर्ट के लिए बधाई सम्पत देवी जी॥

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