गुरुवार, 19 जनवरी 2017

संपत देवी मुरारका “डॉ अमर कुमार स्मृति परिकल्पना सम्मान” से सम्मानित
















 संपत देवी मुरारका “डॉ अमर कुमार स्मृति परिकल्पना सम्मान” से सम्मानित
न्यूजीलैंड में “सप्तम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन” संपन्न

ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन वैकाटू, भारतीय विद्या भवन, हेमिल्टन 'बहुसांस्कृतिक क्रिसमस कवि एवं मुशायरा सम्मेलन' तथा परिकल्पना के संयुक्त तत्वावधान में विगत 23 दिसंबर 2016 से 01 जनवरी 2017 के बीच न्यूजीलैंड के ऑकलैंड, हेमिल्टन, रोटोरूआ आदि शहरों में आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में, अंतर्राष्ट्रीय ओशिनिया क्षेत्र की संयोजक, निर्देशक 'भारतीय विद्या भवन' की अध्यक्ष और SAARC शिखर सम्मेलन में सम्मानित श्रीमती सुमन कपूर, फिजी के शिक्षा मंत्रालय के हिन्दी प्रतिनिधि माननीय श्री रमेश चन्द्र  , बिहार विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री विजय कुमार चौधरी, न्यूजीलैंड नेशनल पार्टी की पार्लियामेंट सदस्या माननीया श्रीमती परमजीत परमार, मुख्य अतिथी के रूप में  तथा हिन्द मेडिकल कॉलेज लखनऊ के निदेशक डॉ ओ. पी. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में 25 दिसंबर 2016 को ऑकलैंड के हेंडरसन में स्थित केलस्टन कम्यूनिटी हॉल न्यूजीलैंड में सम्पन्न हुआ।

माननीया श्रीमती परमार के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर 'भारतीय विद्द्या भवन, न्यूजीलैंड' का उद्घाटन किया गया, साथ ही गायत्री मन्त्रों द्वारा प्रार्थना भी आयोजित की गई। तत् पश्चात्,―'कोरियन पोसिटिव एजिंग चैरिटेबल ट्रस्ट' की प्रबंधक श्रीमती यंग के ड्रमबीट कार्यक्रम द्वारा सभा का प्रारंभ सकारात्मक रूप से हुआ।

मुख्य अतिथि श्रीमती परमजीत परमार ने अपने भाषण में कहा कि भारत और हिंदी भाषा से उनका विशेष लगाव रहा है, उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत ख़ुशी है कि इस न्यूजीलैंड के जमीन पर भी भारतवासी अपनी मातृभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार और लेखन कार्य सफलतापूर्वक कर रहें हैं। उन्होने आगे कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है अपने भारतवासियों को न्यूजीलैंड की धरती पर अपने मध्य पाकर। मैं अभिभूत हूँ कि हमारे भारतवासी पूरी दुनिया में घूम घूमकर ब्लॉगिंग के माध्यम से हिन्दी और भारतीय भाषाओं को प्रमोट कर कर रहे हैं। यह परंपरा बनाए रखने की जरूरत है।

फिजी से आये श्री रमेश चंद ने फिजी में होने वाले हिंदी सम्मेलन में सबको आमंत्रित किया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री विजय कुमार चौधरी ने न्यूजीलैंड में रह रहे भारतवासियों के हिंदी के प्रति निष्ठा की विशेष सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम संचालिका श्रीमती सुमन कपूर और सहसंचालक श्री हरजीत सिंह को हिंदी के प्रति किये जा रहे प्रयासों की हार्दिक शुभकामनायें दी। उन्होंने आगे कहा कि आज जहां पूरा विश्व विकास और प्रगति की अंधी दौड़ में इस कदर भाग रही है कि मनुष्य का आंतरिक और भावनात्मक पहलू गौण होता जा रहा है। ऐसे में लखनऊ के एक ब्लॉगर रवीन्द्र प्रभात के द्वारा अपनों को अपनों के साथ मिलन कराने तथा भारतीय महाद्वीप की साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत को पूरी दुनिया में फैलाने की दिशा में कार्य करना गर्व महसूस कराता है। अच्छा लगा जानकार कि हमारे भारत के लोग पूरी दुनिया की बेहतरी के लिए काम कर रहे है और उनका उद्देश्य सह अस्तित्व और वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर केन्द्रित है। परिकल्पना को मेरी शुभकामनायें और भारतीय ब्लॉगरों को बहुत-बहुत बधाइयाँ।
इसके पश्चात् GOPIO के निर्देशक ने ब्लॉगर सम्मलेन का शुभारंभ किया, उन्होंने कहा कि पुस्तकों और समाचारपत्रों में लेखन कार्य की अपनी सीमाएं होती है लेकिन ब्लॉगर के माध्यम से लेखक शुद्ध रूप से अपनी बात पाठकों तक पहुँचा सकता है, उसमें किसी प्रकार का बनावटीपन नहीं होता। श्रीमती सुमन कपूर ने अपने भाषण में अपनी ब्लॉग 'रोशनी' की चर्चा की और न्यूजीलैंड की मूल भाषा 'मौरी' को हिंदी के समकक्ष बताया, उन्होनें कहा कि दोनों भाषाओं के स्वरों में काफी समानता है, बहुत से शब्द भी हिंदी के समान है उदाहरण स्वरुप ―'मान' शब्द, दोनों के सामाजिक संस्कृतियों में भी कुछ सीमा तक काफी समानताएं हैं। इसके साथ ही भारत की विभिन्न प्रांतों से आये प्रतिनिधिगणों ने इस समारोह की शोभा को द्विगुणित किया |

परिचर्चा सत्र के दौरान अपने उद्वोधन के क्रम में ब्लॉग के माध्यम से वैश्विक स्तर पर शांति-सद्भावना की तलाश विषय पर बोलते हुये श्री रवीकान्त मित्तल ने कहा कि यही एक माध्यम है जो पूरी तरह वैश्विक है। आपके विचार चंद मिनटो में पूरी तरह वैश्विक हो जाती है और उस पर प्रतिक्रियाएँ भी आनी शुरू हो जाती है। यदि ब्लॉगर चाहे तो अपने सुदृढ़ विचारों के बल पर पूरी दुनिया में शांति-सद्भावना को स्थापित कर सकता है। आज जरूरत इसी बात की है। इस परिचर्चा में लगभग आधा दर्जन ब्लॉगरों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर हैदराबाद की लेखिका, कवयित्री और ब्लॉगर श्रीमती सम्पत देवी मुरारका: डॉ अमर कुमार स्मृति परिकल्पना सम्मान से अलंकृत और विभूषित किया गया। इस विशेष सम्मान के अंतर्गत उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र और 11 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गयी। श्रीमती संपत देवी मुरारका कृत  “यात्रा क्रम-तृतीय भाग” का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।
कुसुम वर्मा की मिश्रित कला प्रदर्शिनी भी आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण कला और भारतीय परंपरा का बड़ा ही मनोरम चित्र प्रस्तुत किया गया। उसके पश्चात् भारत से आये सम्मानीय प्रतिनिधिगणों ने अपनी कविताओं के माध्यम से सभा को मंत्र मुग्ध किया। अन्ततः, काव्य फुहारों के साथ ही इस सभा का सफल समापन हुआ, जो अविस्मरणीय है।
नव वर्ष के पूर्व 30 दिसंबर 2016 को भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित एक विशेष आयोजन BBQ के लिये भारतीय ब्लॉगरों को ससम्मान आमंत्रित किया तथा संध्या समय को आनंदमय बनाया | जिसके सूत्रधार थे श्री जसबीर ढिल्लन, श्री हरजीत सिंह। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के वरिष्ठ सांसद श्री कंवलजीत सिंह बख्शी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विभिन्न देशों तथा समुदायों के बीच संस्कृतियों का आदान-प्रदान होता है। आप सभी का हम न्यूजीलैंड की इस खूबसूरत भूमि पर स्वागत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन लखनऊ की श्रीमती रत्ना श्रीवास्तव ने किया |
श्रीमती संपत देवी मुरारका: संस्थापिका अध्यक्ष - विश्व वात्सल्य मंच
लेखिका यात्रा विवरण
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद
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