सोमवार, 15 अक्तूबर 2012

पंचम साहित्य गरिमा पुरस्कार एवं `फूलों से प्यार’ का लोकार्पण संपन्न


पंचम साहित्य गरिमा पुरस्कार एवं `फूलों से प्यार’ का लोकार्पण संपन्न    




पंचम साहित्य गरिमा पुरस्कार एवं `फूलों से प्यार’ का लोकार्पण संपन्न    

 साहित्य  गरिमा पुरस्कार समिति एवं आथर्स गिल्ड आफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में प्रेस क्लब, बशीरबाग़ हैदराबाद में दिनांक 14 अक्टूबर को 2 बजे पंचम साहित्य गरिमा पुरस्कार एवं `फूलों से प्यार' का लोकार्पण  समारोह संपन्न हुआ । 

संस्था की संस्थापक अध्यक्ष  डॉ.अहिल्या मिश्र एवं महासचिव डॉ.रमा द्विवेदी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस समारोह की अध्यक्षता प्रो शकुन्तलम्मा (क्षेत्रीय निदेशक,केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, हैदऱाबाद केंद्र) ने की । इस अवसर पर डॉ.शिवशंकर अवस्थी (असोसिएट प्रोफ़ेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय एवं सेक्रेटरी जनरल, ए.ज़ी.आई) मुख्य अतिथि और उदघाटन कर्ता, जैन रत्न सुरेन्द्र लूणिया सम्मानीय अतिथि, श्री कमल नारायण अग्रवाल गौरवनीय अतिथि, श्री मधु सूदन सोंथालिया विशेष अतिथि, प्रो ऋषभ देव शर्मा, पुस्तक परिचय कर्ता एवं डॉ.अहिल्या मिश्र संस्थापक अध्यक्ष के रूप में मंचासीन हुए । मुख्य अतिथि डॉ.शिव शंकर अवस्थी एवं अन्य सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया एवं शुभ्रा मोहन्तो की सरस्वती वन्दना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ ।

संस्था की संस्थापक अध्यक्ष एवं ए.जी.आई. की संयोजिका (हैदराबाद चैप्टर) डॉ.अहिल्य  मिश्र ने स्वागत भाषण में कहा कि पूरे  देश  में महिला लेखिकाओं के हेतु यह विशेष पुरस्कार है। दक्षिण के पांच प्रान्तों की महिला लेखन हेतु यह पुरस्कार निरंतर दिया जा रहा है । महिलाओं के लेखन को प्रतिष्ठित एवं प्रोत्साहित करना इसका विशेष उद्देश्य है । ए.जी.आई. का परिचय देते हुए  कहा कि यह भारतीय लेखको के हेतु महत्व पूर्ण अखिल भारतीय संस्था है । सभी अतिथियों का स्वागत शाल, मोती माला एवं पुष्प गुच्छ से संस्था के सदस्यों द्वारा किया गया । प्रो.शुभदा वांजपे ने अतिथियों का परिचय दिया | डॉ. रमा द्विवेदी ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं डॉ. सीता मिश्र ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया । तत्पश्चात नगर की वरिष्ठ लेखिका श्रीमती शान्ति अग्रवालजी  को उनके कहानी संग्रह `गुलमोहर' की पांडुलिपि पर  पंचम साहित्य गरिमा पुरस्कार के रूप में ग्यारह हजार की राशि का चेक, शाल,प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, श्री फल और पुष्प गुच्छ प्रदान कर उनका सम्मान किया गया ।

लेखिका ने अपने उद्गार में साहित्य गरिमा और सभी अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त   करते हुए अपनी  कामना व्यक्त करते हुए कहा कि  आप सबका स्नेह मेरी लेखनी को सदैव  प्राप्त होता रहे   

डॉ. शिवशंकर अवस्थी  का सम्मान  शाल, मोती माला, पुष्प गुच्छ और उपहार से डॉ.  अहिल्या मिश्र, प्रो  शुभदा वांजपे एवं सभी सदस्यो द्वारा  ( ए.जी.आई. हैदराबाद चैप्टरकी और  से) किया गया ।

पवित्रा अग्रवाल कृत `फूलो से प्यार’  बाल कहानी संग्रह का परिचय देते हुए प्रो ऋषभ देव शर्मा ने कहा - इन कहानियों में   बच्चो में चरित्र निर्माण, राष्ट्रीयता की भावना जाग्रत करना, रीति रिवाजों का सकारात्मक रूप और रिश्तो की कद्र करना अभिव्यक्त हुआ है एवं वैज्ञानिक चेतना जाग्रत करने के साथ-साथ इनमे सूक्तियाँ-उक्तियों का प्रयोग भी दिखाई पड़ता है । यह संग्रह   बच्चो के लिए उपयोगी सिद्ध होगा । तत्पश्चात `फूलो से प्यार’ बाल कहानी  संग्रह का लोकार्पण मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया।  लेखिका पवित्रा अग्रवाल ने अपनी पुस्तक को अपने पति श्री  लक्ष्मीनारायण अग्रवाल  जी को समर्पित किया है । लेखिका ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बचपन  से ही यह इच्छा थी  कि वह  बच्चो के लिए उपयोगी कुछ लिखे और उनका यह सपना आज पूरा हो गया है और इसका श्रेय उनके पति और परिवार को जाता है ।

मुख्य  अतिथि डॉ.शिव शंकर अवस्थी ने ए.जी. आई. का परिचय देते हुए कहा कि यह एक आन्दोलन है जो लेखको के हित के लिए चल रहा है । साहित्य गरिमा पुरस्कार की सराहना  करते हुए कहा कि हमारे देश में महिला लेखिकाओं के लिए ऐसे पुरस्कार की व्यवस्था नहीं है । पांडुलिपि पर पुरस्कार देकर साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति न केवल लेखिकाओं को प्रोत्साहित कर रही है बल्कि नए रचनाकार भी  पैदा कर रही है । जैन रत्न  सुरेन्द्र लूणिया ने साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति को शुभकामनाएँ देते हुए कहा की संस्था महिलाओं की उन्नति के लिए सराहनीय कार्य कर  रही है। श्री कमल नारायण अग्रवाल और श्री मधु सूदन  सोंथालिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए । डॉ. राधेश्याम शुक्ल जी ने शान्ति अग्रवाल और पवित्रा   अग्रवाल को  अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित की ।  अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो शकुन्तलम्मा ने   इस समारोह को अत्यंत सारगर्भित बताते हुए कहा, सच में साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति महिला लेखिकाओं के हित में कार्य कर रही है इससे निश्चित ही महिला लेखन को प्रोत्साहन मिलेगा एवं  यह पुरस्कार अपने आप में अप्रतिम है । श्री भंवर लाल उपाध्याय ने सफल संचालन किया एवं मीना मुथा ने आभार प्रदर्शन ज्ञापित किया । इस समारोह में प्रो सत्यनारायण, प्रो रोहिताश्व , डॉ.त्रिवेणी झा, पूर्व पार्षद विजय लक्ष्मी काबरा, श्री जगजीवन लाल अस्थाना, डॉ.पूर्णिमा शर्मा, डॉ.कर्ण सिंह, अजित गुप्ता, नीरज कुमार, आशा मिश्र, मानवेन्द्र मिश्रा, जी परमेश्वर, विनय कुमार झा, संयोग ठाकुर, उमा सोनी, संपत देवी मुरारका, डॉ.राधे श्याम शुक्ल, तेजराज जैन, एस नारायण राव, श्रीनिवास सोमानी, आशा देवी सोमानी, वी वरलक्ष्मी, रत्नमाला साबू, डॉ.अर्चना झा, भावना पुरोहित, डॉ.मदन देवी पोकरणा , तनुजा व्यास, सरिता सुराना जैन, विनीता शर्मा, मधु भटनागर, डॉ.सीता मिश्र, शीला सोंथालिया, दयानंद झा, नीरज त्रिपाठी, विशेषवर  राज अस्थाना की उपस्थति के साथ-साथ  साहित्य प्रेमियों से  सभागृह खचाखच भरा हुआ था ।
संपत देवी मुरारका
मीडिया प्रभारी
हैदराबाद  



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