बुधवार, 24 अगस्त 2011

"कादम्बिनी क्लब की २२८वीं गोष्ठी आयोजित"


"कादम्बिनी क्लब की २२८वीं गोष्ठी आयोजित" 
कादम्बिनी क्लब, हैदराबाद के तत्वावधान में शनिवार २१ अगस्त को हिन्दी प्रचार सभा परिसर में क्लब की २२८वीं मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया|
     क्लब संयोजिका डॉ. अहिल्या मिश्र एवं कार्यकारी संयोजिका मीना मूथा ने आज यहाँ जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर न्यायाधीश वी. वरलक्ष्मी (अध्यक्ष) एवं वरिष्ठ कहानीकार पवित्रा अग्रवाल मंचासीन हुए| कार्यक्रम का आरम्भ डॉ. रमा द्विवेदी द्वारा सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुति से हुआ| मीना मूथा ने उपस्थित सभा का स्वागत किया| प्रथम सत्र में 'भ्रष्टाचार और साहित्य' विषय पर अपने स्पष्ट विचार व्यक्त करते हुए लक्ष्मीनारायण अग्रवाल ने कहा कि मनुष्य का सफर जंगल-गुफाओं से होकर किस प्रकार आज के विकसित समाज तक पहुँचा है, इसका सुन्दर वर्णन करते हुए उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार में सबसे बड़ा योगदान मान्यताओं का है| ईश्वर ने पाप-पुण्य-मोह के साथ-साथ मनुष्य में संग्रह की प्रवृत्ति भी दी है| आज आम आदमी का भ्रष्टाचार असुरक्षा जनित है| उन्होंने कहा कि अपनी पहचान बनाने के चक्कर में साहित्य में कई लोग आ जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि साहित्य में स्थापित वही हो पाया है, जिसके पास मौलिकता है| रमा द्विवेदी ने कहा कि मूल में हमारी इच्छाओं को सीमित करना आवश्यक है| संतुष्टि का होना जरूरी है| रातोरात बहुत कुछ बन जाना चाहते हैं और इसी होड़ में चोरी और नक़ल का प्रमाण बढ़ रहा है| हम भले ही चार पंक्ति ही क्यों न लिखें पर वह अपनी मौलिक होनी चाहिए| यश के शिखर पर पहुँचने के लिए संयम आवश्यक है| पवित्रा अग्रवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी जड़ महत्वाकांक्षा है| महत्वाकांक्षा उतनी ही करो जितनी हममें क्षमता है| दूसरों का सान्निध्य चुराकर अपने नाम से छपवाना ऎसी घटनाएँ खुलकर हो रही है| तत्पश्चात लक्ष्मीनारायण अग्रवाल के सफल संचालन में सम-सामयिक विषयों पर काव्य पाठ हुआ, जिसमें कुंज बिहारी गुप्ता, नीरज त्रिपाठी, टाक दिलबाग सिंह, अविनाश, डॉ. रमा द्विवेदी, संपत देवी मुरारका, लीला बजाज, सत्यनारायण काकड़ा, प्रभारती गोस्वामी, मुकुंददास डांगरा, मीना मूथा, भावना पुरोहित, पवित्रा अग्रवाल, डॉ. सीता मिश्र, सरिता सुराणा जैन और वी. वरलक्ष्मी ने भाग लिया| 
संपत देवी मुरारका, "संपत" संरक्षक कादम्बिनी क्लब हैदराबाद, दिल्ली.
मोबाईल: ०९४४१५११२३८
bahuwachan.blogspot.com 

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